गाजियाबाद में Ex-Muslim Salim Wastik पर जानलेवा हमला! Encounter में ढेर हुआ मुख्य आरोपी, शहर में तनाव
Ex-Muslim Salim Wastik: गाजियाबाद के लोनी इलाके में हुई एक सनसनीखेज घटना ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। खुद को “एक्स-मुस्लिम” बताने वाले और सोशल मीडिया पर धार्मिक मुद्दों पर खुलकर बोलने वाले यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर उनके ही घर में घुसकर जानलेवा हमला किया गया। इस हमले ने न सिर्फ इलाके में दहशत फैलाई, बल्कि प्रदेश की राजनीति और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए।
घर में घुसकर किया गया हमला
Salim Wastik Assault के मामले में जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे दो हमलावर बाइक पर सवार होकर सलीम वास्तिक के अली गार्डन स्थित घर पहुंचे। दोनों ने हेलमेट पहन रखे थे और बाइक पर नंबर प्लेट नहीं थी। बताया जा रहा है कि सलीम अपने घर में बने छोटे से ऑफिस में मौजूद थे, तभी हमलावर अंदर घुस आए और उन पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला कर दिया।
हमले में उनकी गर्दन और पेट पर कई वार किए गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गला रेतने की भी कोशिश की गई। गंभीर रूप से घायल सलीम को परिजनों और स्थानीय लोगों ने तुरंत पास के अस्पताल पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर देखते हुए उन्हें दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
विवादों से रहा नाता
Salim Wastik पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थे। वे धार्मिक कुरीतियों पर खुलकर टिप्पणी करते थे और कई टीवी डिबेट में भी हिस्सा ले चुके थे। उनके बयानों को लेकर पहले भी विवाद हुआ था। पुलिस फिलहाल इस एंगल से भी जांच कर रही है कि हमला किसी व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या विचारधारा से जुड़ा मामला।
सलीम के बेटे उस्मान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें कुछ लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
सीएम के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई
घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस और एसटीएफ की टीमें सक्रिय हो गईं। सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए मुख्य आरोपी की पहचान जीशान (27) के रूप में हुई, जिस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया।
मुठभेड़ में मारा गया आरोपी
Ex-Muslim YouTuber Attack मामले में रविवार देर रात लोनी अंडरपास के पास पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, बाइक सवार संदिग्धों को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। करीब 10 मिनट तक चली गोलीबारी में जीशान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके से पिस्टल, कारतूस, हमले में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार और बाइक बरामद की है। जीशान को अमरोहा का रहने वाला बताया जा रहा है।
हालांकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही है।
धार्मिक रंग और राजनीतिक बयानबाजी
घटना के बाद डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद गिरि भी चर्चा में आ गए। वे घायल सलीम से मिलने जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद उन्होंने सरकार और पुलिस के खिलाफ तीखे बयान दिए। इस बयानबाजी ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया।
अब आगे क्या?
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि हमला पहले से रची गई साजिश थी या अचानक लिया गया फैसला। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर विचार रखने की कीमत क्या इतनी बड़ी हो सकती है? कानून-व्यवस्था, अभिव्यक्ति की आजादी और धार्मिक संवेदनशीलता—इन सबके बीच यह मामला अब प्रदेश की बड़ी चर्चा बन चुका है।
सलीम वास्तिक की हालत पर सबकी नजरें टिकी हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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