Ayodhya Ram Mandir Donation Investigation: चढ़ावे की जांच में जुटी SIT, चंपत राय से कई घंटों तक पूछताछ
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे सवालों के बीच Ayodhya Ram Mandir Donation Investigation अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से विस्तृत पूछताछ कर कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच अधिकारियों ने चढ़ावे के प्रबंधन, हिसाब-किताब और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल किए।
Ayodhya Ram Mandir Donation Investigation में रिकॉर्ड की गहन जांच
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर सामने आये विवाद की जांच अब तेज हो गयी है। इस मामले की जांच कर रही स्पेशल जांच टीम SIT ने राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारी चंपत राय से कई घंटो तक बंद कमरे में पूछ ताछ की। सूत्रों के अनुसार , जांच अधिकारियो ने चढ़ावे के हिसाब – किताब, सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर प्रशासन से जुड़े कई सवाल पूछे। SIT ने सोमवार दुपहर से अपनी जांच शुरू की थी।
चढ़ावा चोरी के आरोपों की सचाई जानने की कोशिश
SIT यह जानने की कोशिश कर रही है की चढ़ावे के व्यवस्था में कोई गड़बड़ी तो नहीं हुई और सामने आये आरोपों में कितनी सचाई है। बताय जा रहा है की जाँच टीम ने कई रिकॉर्ड की भी जांच करि है। इसके पहले पूरे तीर्थयात्री सुविधा केंद्र के कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया था। इस मामले ने केवल अयोध्या ही नहीं बल्कि देशभर के लोगो का ध्यान अपनी ओर खींचा है। राम मंदिर करोड़ो श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है । यही कारन है की इस मामले को ले कर धार्मिक ओर राजनीतिक चर्चा तेज हो गयी है । हालाँकि राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से यह कहना है की मंदिर में आने वाला चढ़ावे और उसे जुड़े सभी कार्य नियमो के तहत किये जाते है। कई लोग जांच के नतीजों का इंतज़ार कर रहे , जबकि विभिन्न पक्ष अपनी टिप्पणियां दे रहे है । फ़िलहाल SIT की जांच जारी है जांचकर्ता का मानना है की किसी भी रिजल्ट पर पहुंचने से पहले हर पहलु की गहहरायी से जांच करना बेहद जरूरी है । इसी वजह से जांच एजेंसी जल्दबाज़ी में कोई फैसला लेने के बजाये सभी सबूत और बयानों को धयान से परख रही है ।
प्रारंभिक रिपोर्ट की तयारी शुरू
जांच के साथ-साथ एसआईटी अपनी प्रारम्भिक रिपोर्ट तैयार करने में भी जुट गई है। जानकारी के अनुसार, जांच टीम को एक सप्ताह के भीतर प्रदेश सरकार को प्रारम्भिक रिपोर्ट सौंपनी है, जबकि पूरी जांच रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर प्रस्तुत करनी होगी। फिलहाल अधिकारी शुरुआती तथ्यों को जुटाकर एक संक्षिप्त रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं। पहले चरण में एसआईटी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि चोरी की घटना वास्तव में हुई है या नहीं। यदि घटना सही पाई जाती है, तो यह भी जांच की जाएगी कि चोरी कब से हो रही थी और इसमें अनुमानित रूप से कितनी धनराशि शामिल है। जांच के दायरे में यह भी शामिल होगा कि केवल नकदी गायब हुई है या फिर श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए आभूषण भी इसमें शामिल हैं। इसके बाद दूसरे चरण में जांच टीम मामले से जुड़े लोगों और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करेगी। जांच पूरी होने के बाद एसआईटी अपनी सिफारिशों के साथ-साथ व्यवस्था में मौजूद कमियों और उन्हें दूर करने के उपायों को भी अपनी रिपोर्ट का हिस्सा बनाएगी।
बयान दर्ज कर तैयार होगी अंतिम report
जांच के दूसरे चरण में SIT मामले से जुड़े लोगों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करेगी। जांच टीम यह जानने की कोशिश करेगी कि पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका रही और क्या किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन हुआ है। इसके साथ ही सभी दस्तावेजों, रिकॉर्ड और बयानों का मिलान कर तथ्यों की पुष्टि की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद SIT अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपेगी। इस रिपोर्ट में केवल जांच के निष्कर्ष ही नहीं, बल्कि व्यवस्था में मौजूद कमियों, सुरक्षा संबंधी खामियों और उन्हें दूर करने के सुझाव भी शामिल किए जाएंगे। यदि जांच में किसी तरह की गड़बड़ी या जिम्मेदारी तय होती है, तो रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है। ऐसे में अब सभी की नजरें SIT की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
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