Women Health Alert: 30 के बाद महिलाओं में दिखते ये 5 Signs, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
Women Health Alert: 30 की उम्र पार करते ही महिलाओं के शरीर में कई बदलाव शुरू हो जाते हैं। मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है, हार्मोनल बदलाव आते हैं और सबसे अहम—हड्डियों की मजबूती धीरे-धीरे कम होने लगती है। ऐसे में कैल्शियम की कमी एक बड़ी समस्या बन सकती है, जिसे अक्सर महिलाएं नजरअंदाज कर देती हैं। यही लापरवाही आगे चलकर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है।
कैल्शियम सिर्फ हड्डियों के लिए ही नहीं, बल्कि मांसपेशियों, दांतों और नर्व सिस्टम के लिए भी बेहद जरूरी है। इसलिए जरूरी है कि समय रहते इसके संकेतों को पहचाना जाए और सही कदम उठाए जाएं।
शरीर देता है ये 5 बड़े संकेत
कैल्शियम की कमी अचानक नहीं होती, बल्कि धीरे-धीरे शरीर इसके संकेत देने लगता है।
- सबसे पहला संकेत है मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द। अगर आपके पैरों, हाथों या बाहों में बार-बार खिंचाव होता है या चलने-फिरने में दर्द महसूस होता है, तो इसे नजरअंदाज न करें।
- दूसरा संकेत है लगातार थकान। अगर पूरी नींद लेने के बाद भी आप दिनभर सुस्ती और कमजोरी महसूस करती हैं, तो यह शरीर में पोषण की कमी का संकेत हो सकता है। कई बार इसके साथ चक्कर आना या ध्यान न लगना भी जुड़ा होता है।
- तीसरा संकेत है नाखून और त्वचा में बदलाव। अगर आपके नाखून जल्दी टूटने लगे हैं या त्वचा रूखी और बेजान लगती है, तो यह कैल्शियम की कमी का असर हो सकता है।
- चौथा संकेत दांतों से जुड़ा है। दांत कमजोर होना, मसूड़ों में दर्द या जल्दी कैविटी होना भी इस कमी का संकेत हो सकता है।
- सबसे गंभीर संकेत है हड्डियों का कमजोर होना।
- हल्की चोट में फ्रैक्चर होना या पीठ और गर्दन में लगातार दर्द रहना इस बात का संकेत हो सकता है कि हड्डियां कमजोर हो रही हैं।
क्यों बढ़ जाती है यह समस्या?
30 के बाद महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है। यही हार्मोन हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।
इसके अलावा गलत खानपान, धूप की कमी, ज्यादा चाय-कॉफी और शारीरिक गतिविधि की कमी भी इस समस्या को बढ़ा देती है।
ऐसे करें बचाव, आसान तरीके अपनाएं
कैल्शियम की कमी से बचना मुश्किल नहीं है, बस थोड़ी सी जागरूकता जरूरी है।
सबसे पहले अपनी डाइट सुधारें। रोजाना दूध, दही, पनीर या छाछ को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। ये कैल्शियम के सबसे अच्छे स्रोत हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी और ब्रोकोली भी बेहद फायदेमंद होती हैं। इनके साथ बीन्स और दालें भी खाएं।
तिल, बादाम, अखरोट और चिया सीड्स जैसे ड्राई फ्रूट्स भी शरीर को जरूरी पोषण देते हैं। खासकर सफेद तिल कैल्शियम का अच्छा स्रोत माना जाता है।
विटामिन D को न भूलें
कई बार लोग कैल्शियम तो लेते हैं, लेकिन विटामिन D की कमी के कारण शरीर उसे सही से अवशोषित नहीं कर पाता। इसलिए रोजाना 15-20 मिनट धूप में बैठना बहुत जरूरी है।
एक्टिव लाइफस्टाइल भी जरूरी
सिर्फ खानपान ही नहीं, बल्कि शारीरिक गतिविधि भी उतनी ही जरूरी है। रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलना, योग करना या हल्की एक्सरसाइज करना हड्डियों को मजबूत बनाता है। हफ्ते में 2-3 बार हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी काफी फायदेमंद होती है।
जरूरी हेल्थ चेकअप कराएं
30 के बाद महिलाओं को नियमित रूप से कुछ टेस्ट जरूर करवाने चाहिए। जैसे थायराइड, विटामिन D, B12 और कैल्शियम लेवल की जांच। इसके अलावा पैप स्मीयर और ब्रेस्ट एग्जामिनेशन भी समय-समय पर कराना जरूरी है।
लाइफस्टाइल में छोटे बदलाव, बड़ा असर
अच्छी नींद लेना, तनाव कम करना और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना भी बेहद जरूरी है। ज्यादा चाय, कॉफी और नमक का सेवन कम करें, क्योंकि ये शरीर से कैल्शियम को बाहर निकालते हैं।
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