Asian Boxing Championships में भारत का प्रदर्शन इस बार बेहद शानदार रहा है।
Asian Boxing Championships में भारत का प्रदर्शन इस बार बेहद शानदार रहा है। मंगोलिया की राजधानी Ulaanbaatar में चल रहे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी ताकत और तकनीक का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 11 मुक्केबाज़ों को सेमीफाइनल तक पहुंचा दिया है। इसमें 5 महिला और 6 पुरुष खिलाड़ी शामिल हैं। इस उपलब्धि ने भारत के पदक की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।
महिला मुक्केबाज़ों का शानदार प्रदर्शन
भारतीय महिला बॉक्सर्स ने एक बार फिर अपनी काबिलियत साबित की है। रविवार को हुए मुकाबलों में मीनाक्षी (48 किग्रा) और जैस्मिन (57 किग्रा) ने शानदार जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई।
मीनाक्षी ने जापान की खिलाड़ी युका सादामात्सु को 5-0 से हराकर पूरी तरह दबदबा दिखाया। वहीं, जैस्मिन ने चीन की झियी चेन को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से मात दी।
इससे पहले शनिवार को Nikhat Zareen, प्रिया घंघास और प्रीति पवार भी अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर अंतिम चार में जगह बना चुकी थीं। इन सभी खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह साबित किया है कि भारतीय महिला बॉक्सिंग अब एशिया में मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी है।
पुरुष वर्ग में भी शानदार प्रदर्शन
पुरुष वर्ग में भी भारतीय मुक्केबाज़ों ने जबरदस्त खेल दिखाया। 85 किग्रा वर्ग में लोकेश ने कोरिया के गिचे किम को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
वहीं आकाश ने तुर्कमेनिस्तान के यल्हास बग्टयारोव को हराकर अपनी श्रेष्ठता साबित की।
इसके अलावा हर्ष चौधरी ने किर्गिज़ गणराज्य के तिनिस्तान अलीबाएव को हराकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया।
50 किग्रा वर्ग में विश्वनाथ सुरेश और 60 किग्रा में सचिन ने भी अपने मुकाबले जीतकर भारत के लिए पदक की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।
हालांकि, 80 किग्रा वर्ग में अंकुश को जॉर्डन के हुसैन इशाश के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, जिससे वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
भारत के लिए क्यों अहम है Asian Boxing Championships
एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी का अहम मंच भी माना जाता है। यहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और रैंकिंग में सुधार मिलता है।
भारतीय टीम के इस प्रदर्शन से यह साफ है कि देश में बॉक्सिंग का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है। हाल के वर्षों में बेहतर ट्रेनिंग, इंटरनेशनल एक्सपोजर और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
पदकों की बढ़ी उम्मीद
11 खिलाड़ियों के सेमीफाइनल में पहुंचने का मतलब है कि भारत के पास कम से कम 11 पदक पक्के हो चुके हैं, क्योंकि बॉक्सिंग में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले खिलाड़ियों को ब्रॉन्ज मेडल मिल जाता है।
अब सभी की नजर गोल्ड और सिल्वर मेडल पर है। अगर भारतीय खिलाड़ी इसी लय में खेलते रहे, तो इस बार भारत एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रिकॉर्ड पदक जीत सकता है।
भारतीय बॉक्सिंग का उज्ज्वल भविष्य
इस प्रदर्शन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारत बॉक्सिंग के क्षेत्र में तेजी से उभरती ताकत बन रहा है। खासकर महिला खिलाड़ियों की निरंतर सफलता आने वाले समय में युवा प्रतिभाओं को प्रेरित करेगी।
कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट टीम की रणनीति भी इस सफलता में अहम भूमिका निभा रही है। अब देखना होगा कि सेमीफाइनल और फाइनल में भारतीय मुक्केबाज़ इस शानदार प्रदर्शन को कितनी दूर तक ले जा पाते हैं।
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