IIT Baba Marriage: Mahakumbh के Viral Abhey Singh ने रचाई शादी, Engineer Bride ने सबको किया Shock!
IIT Baba Marriage: प्रयागराज महाकुंभ में अपने अनोखे अंदाज और गहरी आध्यात्मिक बातों से लोगों का ध्यान खींचने वाले ‘IIT बाबा’ अभय सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। लेकिन इस बार वजह उनके प्रवचन नहीं, बल्कि उनकी शादी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके इस चेहरे ने अब जीवन की एक नई शुरुआत कर दी है, जिसने उनके फैंस को चौंका भी दिया है और खुश भी।
साधु से दूल्हा बने अभय सिंह
अभय सिंह, जिन्हें लोग ‘IIT बाबा’ के नाम से जानते हैं, ने बेंगलुरु की हाई-प्रोफाइल इंजीनियर प्रतिका से शादी कर ली है। यह शादी हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में बेहद सादगी के साथ संपन्न हुई। खास बात यह रही कि इस पवित्र बंधन के लिए महाशिवरात्रि का दिन चुना गया, जो भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था को दर्शाता है।
शादी की खबर तब सामने आई जब यह जोड़ा हरियाणा के झज्जर स्थित अभय के पैतृक घर पहुंचा। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी शादी की तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं और हर तरफ यही चर्चा होने लगी कि ‘IIT बाबा’ अब गृहस्थ जीवन में प्रवेश कर चुके हैं।
दोस्ती से शुरू हुई लव स्टोरी
अभय और प्रतिका की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। दोनों की मुलाकात एक साल पहले हुई थी और धीरे-धीरे यह दोस्ती गहरे रिश्ते में बदल गई।
प्रतिका के मुताबिक, अभय सिंह एक बेहद सरल और सच्चे इंसान हैं। उनकी सोच और व्यक्तित्व ने उन्हें प्रभावित किया। यही वजह रही कि उन्होंने जीवनभर साथ निभाने का फैसला लिया।
यह रिश्ता सिर्फ प्यार का नहीं, बल्कि समझ और विश्वास का भी उदाहरण बन गया है।
IIT से अध्यात्म तक का सफर
अभय सिंह की कहानी खास इसलिए भी है क्योंकि उन्होंने IIT बॉम्बे जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। जहां एक तरफ लोग करियर और पैसे की दौड़ में लगे रहते हैं, वहीं अभय ने एक अलग रास्ता चुना—अध्यात्म का।
महाकुंभ के दौरान वे तब चर्चा में आए जब उन्होंने कठिन आध्यात्मिक विषयों को बेहद आसान और धाराप्रवाह अंग्रेजी में समझाया। उनके वीडियो लाखों लोगों तक पहुंचे और वे देखते ही देखते सोशल मीडिया स्टार बन गए।
अभय का मानना है कि विज्ञान और अध्यात्म एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। विज्ञान जहां बाहरी दुनिया को समझाता है, वहीं अध्यात्म अंदर की यात्रा कराता है।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
उनकी शादी की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी दिलचस्प रहीं। कुछ लोग हैरान थे कि जो व्यक्ति साधना और वैराग्य की बातें करता था, वह अब शादी कैसे कर सकता है। वहीं कई लोगों ने इसे एक सामान्य और सकारात्मक कदम बताया।
दरअसल, अभय ने कभी खुद को पूरी तरह सन्यासी घोषित नहीं किया था। वे हमेशा कहते रहे कि जीवन में संतुलन जरूरी है—और शायद यही संतुलन अब उनके जीवन में एक नई दिशा बनकर सामने आया है।
आध्यात्म और आधुनिकता का संगम
अभय सिंह और प्रतिका की शादी एक तरह से दो अलग दुनियाओं का मिलन भी है—एक तरफ टेक्नोलॉजी और आधुनिक सोच, तो दूसरी तरफ अध्यात्म और सादगी। यह कहानी उन लोगों के लिए एक संदेश भी है कि जीवन में रास्ते बदलना गलत नहीं है। इंसान अपने अनुभवों के आधार पर नई दिशा चुन सकता है।
निष्कर्ष
‘IIT बाबा’ अभय सिंह की शादी सिर्फ एक व्यक्तिगत फैसला नहीं, बल्कि एक प्रेरक कहानी भी बन गई है। यह दिखाती है कि जीवन में कोई भी रास्ता अंतिम नहीं होता। अध्यात्म और परिवार, दोनों साथ-साथ चल सकते हैं—बस जरूरत है सही समझ और संतुलन की।
अब देखना दिलचस्प होगा कि अभय सिंह अपनी इस नई जिंदगी में किस तरह अध्यात्म और गृहस्थ जीवन के बीच तालमेल बनाते हैं।
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