Ayodhya Ram Mandir Trust Meeting: Champat Rai और Anil Mishra नहीं पहुंचे बैठक में, जानिए अपडेट...
Ayodhya Ram Mandir Trust Meeting:सोमवार, 6 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद अहम बैठक हुई। यह बैठक राम मंदिर परिसर में दोपहर तीन बजे शुरू हुई। बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्रा मौजूद नहीं थे। दोनों के इस्तीफों पर फैसला इस बैठक का सबसे बड़ा मुद्दा माना जा रहा था।
यह बैठक राम मंदिर में दान और चढ़ावे में हुई कथित चोरी की जांच के बीच हो रही है। इसी वजह से इस बैठक को ट्रस्ट के गठन के बाद की सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक माना जा रहा है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा की गैरमौजूदगी पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, चंपत राय और अनिल मिश्रा बैठक में मौजूद नहीं थे। दोनों ने पहले ही 26 जून को अपने-अपने पदों से इस्तीफ़ा दे दिया था। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने 27 जून को इन इस्तीफों की पुष्टि की थी।
ट्रस्ट के नियमों के अनुसार, किसी भी सदस्य का इस्तीफ़ा तभी स्वीकार होता है जब उसे सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत का समर्थन मिले। सोमवार की बैठक में इसी नियम के तहत मतदान के जरिए इस्तीफों पर फैसला होना तय था।
इस्तीफे की वजह क्या रही?
चंपत राय और अनिल मिश्रा राम मंदिर के प्रबंधन और चढ़ावे की गिनती की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। दान चोरी का मामला सामने आने के बाद दोनों शुरू से ही सवालों के घेरे में रहे। इसी वजह से दोनों ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ दिया था। एसआईटी और पुलिस दोनों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के बयान दर्ज किए हैं। हालांकि अब तक तीनो में से किसी के भी खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
चढ़ावा चोरी मामले की पूरी पृष्ठभूमि
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला 6 जून को सामने आया था। इसके बाद ट्रस्ट की मांग पर 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया। 25 जून को इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई, जिसके बाद अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चूका है। गिरफ्तार आरोपियों में राम शंकर यादव उर्फ़ टिन्नू , सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ल, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रामशंकर मिश्रा शामिल हैं। पुलिस ने इन आरपियों से करीब 80 लाख रुपये बरामद किए हैं। यह रकम बाथरूम, भूसे के ढेर और गोबर के उपलों जैसी असामान्य जगहों से मिली है।
ट्रस्ट की मौजूदा संरचना
ट्रस्ट में फिलहाल 11 नियमित सदस्य हैं। इनमे अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्द देव गिरी प्रमुख है। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे और ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद ट्रस्ट में उपाध्यक्ष का पद खली है। ट्रस्ट के पदेन सदस्यों में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रशांत लोखंडे, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय प्रसाद, अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और निर्माण समिति के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास हाल ही में लखनऊ के अस्पताल से कराकर अयोध्या लौटें हैं।
बैठक का पूरा एजेंडा
ट्रस्ट की ओर से जारी सुचना के अनुसार, बैठक में पांच मुद्दों पर चर्चा तय थी। पहला मुद्दा चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला था। दूसरा मुदा आईसीटी की अंतरिम जांच रिपोर्ट पर चर्चा था। तीसरा मुद्दा राम मंदिर के भविष्य के प्रबंधन ढांचे और मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानि सीईओ की नियुक्ति से जुआ था। चौथा मुद्दा वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिट और वित्तीय रिपोर्ट को लेकर था। पांचवा मुद्दा अध्यक्ष की अनुमति से अन्य जरुरी विषय पर चर्चा का था।
आगे क्या हो सकता है?
राम मंदिर ट्रस्ट की यह बैठक आने वाले समय में मंदिर प्रबंधन की दिशा तय करने के लिए काफी अहम मानी जा रही है। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे, नए महासचिव की नियुक्ति और सीईओ पद पर फैसला जैसे मुद्दे मंदिर प्रशासन के भविष्य को प्रभावित करेंगे।
माना जा रहा है की इस्तीफे स्वीकार होने के बाद ट्रस्ट जल्द ही नई प्रशासनिक व्यवस्था और जिम्मीरियों का ऐलान कर सकता है। ऐसे में इस बैठक के नतीजों पर पुरे देश के राम भक्तों और राजनितिक हलकों की नजरें टिकी हुई है।
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