Crude Oil Prices: उबाल पर कच्चा तेल! US-ईरान तनाव से सप्लाई संकट, कीमतें 3% उछलीं
गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखी गई, जिससे निवेशकों और तेल आयातक देशों की चिंता बढ़ गई है।
Crude Oil Prices: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी टकराव ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखी गई, जिससे निवेशकों और तेल आयातक देशों की चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ईंधन की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
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Toggleब्रेंट और WTI Crude Oil Prices में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.65 डॉलर यानी करीब 3.26 प्रतिशत बढ़कर 83.99 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। यह लगातार पांचवां कारोबारी सत्र है जब ब्रेंट क्रूड में तेजी दर्ज की गई है।
वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत भी 2.76 डॉलर यानी लगभग 3.70 प्रतिशत बढ़कर 77.42 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
तेल बाजार के विश्लेषकों के अनुसार, इस तेजी की मुख्य वजह मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ती आशंकाएं हैं। खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज को लेकर बाजार में चिंता बढ़ी हुई है, क्योंकि यह दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक है।
स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज बना चिंता का कारण
स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज फारस की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ने वाला एक संकरा जलमार्ग है, जहां से दुनिया के कुल तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अनुमान के मुताबिक हर दिन करीब 20% वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है।
अगर इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा आती है या जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ता है। मौजूदा हालात में यही चिंता निवेशकों को परेशान कर रही है।
सैन्य घटनाओं ने बढ़ाई बाजार की बेचैनी
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने एक बार फिर इजरायल पर मिसाइल हमले किए हैं, जिसके बाद कई शहरों में लोगों को सुरक्षा के लिए बंकरों में शरण लेनी पड़ी।
इसके अलावा श्रीलंका के तट के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरान के एक युद्धपोत को निशाना बनाए जाने की खबर भी सामने आई है। इस हमले में कई सैनिकों की मौत की आशंका जताई गई है।
इसी दौरान नाटो की एयर डिफेंस प्रणाली ने तुर्की की ओर बढ़ रही एक ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया। इन घटनाओं ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
साथ ही स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज के आसपास तेल टैंकरों के पास विस्फोट और हमलों की खबरों ने भी बाजार में घबराहट पैदा कर दी है।
वैश्विक आपूर्ति पर दबाव
मध्य पूर्व में तनाव के बीच तेल आपूर्ति को लेकर भी कई नई चिंताएं सामने आ रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ओपेक के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक देश इराक ने अपना उत्पादन करीब 15 लाख बैरल प्रतिदिन तक घटा दिया है।
इसका कारण सीमित भंडारण क्षमता और निर्यात मार्गों में आ रही बाधाएं बताई जा रही हैं।
दूसरी ओर चीन सरकार ने अपने बड़े रिफाइनरों को डीजल और पेट्रोल के निर्यात को अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए हैं, ताकि घरेलू मांग को प्राथमिकता दी जा सके।
इसी तरह भारत के एक बड़े रिफाइनर ने भी संकेत दिया है कि वह फिलहाल पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात को सीमित कर सकता है। वहीं जापान के रिफाइनरों ने अपनी सरकार से रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से तेल जारी करने की मांग की है।
वैश्विक बाजार की नजर रूस और चीन पर
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में रूस और चीन की भूमिका पर भी वैश्विक बाजार की नजर रहेगी। चीन दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक है और उसके आयात का बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज के जरिए ही गुजरता है।
अगर इस क्षेत्र में स्थिति और बिगड़ती है, तो चीन समेत कई एशियाई देशों की ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
आगे क्या रह सकता है तेल का रुख?
ब्रोकरेज फर्म श्रीराम वेल्थ के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में मौजूदा तेजी लंबे समय तक टिके रहना मुश्किल है। यदि मध्य पूर्व में तनाव धीरे-धीरे कम होता है तो तेल की कीमतें फिर से करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक लौट सकती हैं।
हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि अगर संघर्ष और बढ़ता है या स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज में तेल आपूर्ति बाधित होती है, तो कच्चे तेल की कीमतें 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
ऐसी स्थिति में भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है और महंगाई पर असर पड़ सकता है।






