गाजियाबाद में Hanuman Janmotsav पर ‘Love Jihad’ झांकी से विवाद, Hindu Raksha Dal पर उठे सवाल
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में Hanuman Janmotsav 2026 के अवसर पर निकाली गई एक झांकी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस झांकी में कथित तौर पर “Love Jihad” को दर्शाया गया, जिससे सामाजिक और धार्मिक माहौल पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। यह मामला अब केवल एक स्थानीय घटना नहीं रहा, बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन चुका है।
“शोभायात्रा में विवाद!” ‘लव जिहाद’ झांकी ने बटोरी सुर्खियां 😳
➡ हिंदू रक्षा दल ने हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर ‘लव जिहाद’ थीम की झांकी दिखाई
➡ झांकी में हिंसा और खून से सना फ्रिज दिखाया गया, वीडियो वायरल
➡ पुलिस ने कहा – शोभायात्रा अनुमति के तहत आयोजित
➡ मामले की जांच एसीपी… pic.twitter.com/w1TfMy1D0M— Aarambh News Official (@aarambhnewsoffi) April 7, 2026
क्या है Hanuman Janmotsav मामला?
6 अप्रैल 2026 को गाजियाबाद में हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर एक भव्य शोभायात्रा (procession) निकाली गई। इस दौरान एक विशेष झांकी प्रस्तुत की गई, जिसमें एक व्यक्ति को सिर पर टोपी और हाथ में चाकू लिए दिखाया गया।
बताया जा रहा है कि इस झांकी का उद्देश्य “Love Jihad” के मुद्दे को प्रदर्शित करना था। हालांकि, जैसे ही इस झांकी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, विवाद तेजी से बढ़ने लगा। कई लोगों ने इसे एक विशेष समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाली प्रस्तुति बताया।
क्यों बढ़ा विवाद?
इस झांकी को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
- इसे सांप्रदायिक और भड़काऊ बताया जा रहा है
- सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे समाज में नफरत फैलाने वाला कदम कहा
- धार्मिक आयोजनों के राजनीतिक इस्तेमाल पर भी बहस छिड़ गई
कई सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की झांकियां समाज में विभाजन पैदा कर सकती हैं और इससे शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
Hindu Raksha Dal पर सवाल
इस पूरे मामले में Hindu Raksha Dal का नाम भी सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस संगठन की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस तरह की झांकी उनके समर्थन से तैयार की गई थी।
हालांकि, संगठन की ओर से इस पर कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन इस घटना के बाद से प्रशासन और स्थानीय पुलिस की नजर इस मामले पर बनी हुई है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में पहले भी धार्मिक जुलूसों के दौरान विवादित घटनाएं सामने आती रही हैं।
- कई बार हथियारों के प्रदर्शन के आरोप लगे हैं
- तलवार बांटने और उग्र नारेबाजी जैसे मामलों की शिकायतें मिली हैं
- प्रशासन ने कई बार ऐसे आयोजनों पर सख्ती भी दिखाई है
इन घटनाओं के चलते यह सवाल उठता है कि क्या इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए पर्याप्त निगरानी की जा रही है या नहीं।
प्रशासन की भूमिका और प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद प्रशासन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि:
- क्या इस झांकी को पहले से अनुमति दी गई थी?
- क्या इसकी सामग्री की जांच नहीं की गई?
- क्या भविष्य में ऐसे विवादों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे?
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और यदि किसी तरह का नियम उल्लंघन पाया जाता है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं।
- कुछ लोग इसे “जागरूकता” का हिस्सा बता रहे हैं
- वहीं कई लोग इसे हेट स्पीच (hate speech) और समाज को बांटने वाला कदम मान रहे हैं
Twitter (X), Facebook और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इस मुद्दे पर लगातार बहस जारी है।
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