Jaipur Pink Elephant Case: Chanchal की मौत से मचा बवाल, Photoshoot बना Animal Cruelty का मुद्दा
Jaipur Pink Elephant Case: जयपुर से जुड़ी एक खबर ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। एक 70 साल की हथिनी, जिसका नाम Chanchal था, उसकी मौत की खबर सामने आने के बाद लोग भावुक भी हैं और गुस्से में भी। वजह है—उसका एक वायरल वीडियो, जिसमें उसे गुलाबी रंग में रंगा गया था।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ एक फोटोशूट था या फिर जानवरों के साथ क्रूरता की एक मिसाल?
आखिर क्या हुआ था?
यह पूरा मामला एक फोटोशूट से शुरू हुआ। एक विदेशी फोटोग्राफर Julia Buruleva ने जयपुर में एक आर्ट फोटोशूट किया, जिसमें एक मॉडल और हथिनी Chanchal को गुलाबी रंग से सजाया गया।
बताया गया कि यह शूट जयपुर के “पिंक सिटी” थीम से प्रेरित था। हाथी को गुलाल से रंगा गया, जो आमतौर पर होली में इस्तेमाल होता है, और करीब 10–30 मिनट के भीतर धो भी दिया गया।
उस समय यह शूट ज्यादा चर्चा में नहीं आया, लेकिन जैसे ही इसका वीडियो हाल ही में वायरल हुआ, लोगों की प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं।
मौत ने बढ़ा दिया विवाद
वीडियो वायरल होने के कुछ समय बाद खबर आई कि Chanchal की मौत हो चुकी है। इससे लोगों के बीच यह धारणा बनने लगी कि शायद उसकी मौत का कारण वही फोटोशूट और रंग था। लेकिन जांच में जो सामने आया, वह थोड़ा अलग था।
क्या रंग की वजह से हुई मौत?
प्रारंभिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार,
हथिनी की मौत का कारण उसकी उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बताई गई हैं।
- उम्र लगभग 70 साल थी (जो हाथियों के लिए काफी अधिक मानी जाती है)
- कोई ठोस सबूत नहीं मिला कि रंग या फोटोशूट से उसकी मौत हुई
यानी, सीधे तौर पर फोटोशूट को मौत का कारण नहीं माना गया है।
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फिर भी क्यों हो रहा विरोध?
भले ही मौत का कारण रंग नहीं बताया गया, लेकिन इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, क्या मनोरंजन या कला के नाम पर जानवरों का इस्तेमाल सही है?पशु अधिकार संगठन PETA India ने इस घटना को “पशु क्रूरता” बताया है।
उनका कहना है कि:
- जानवरों को इस तरह रंगना या इस्तेमाल करना गलत है
- इससे उन्हें मानसिक और शारीरिक तनाव हो सकता है
- ऐसे मामलों पर सख्त नियम बनने चाहिए
सोशल मीडिया पर दो राय
इस मामले पर लोगों की राय बंटी हुई है।
एक तरफ कुछ लोग कहते हैं कि:
- यह सिर्फ एक आर्ट प्रोजेक्ट था
- जैविक रंग का इस्तेमाल हुआ था
- हाथी को नुकसान नहीं पहुंचाया गया
वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में लोग इसे गलत मानते हैं और कहते हैं कि:
- जानवरों की सहमति नहीं होती
- उन्हें सिर्फ इंसानों की खुशी के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए
सरकार और प्रशासन का रुख
विवाद बढ़ने के बाद राजस्थान वन विभाग भी सक्रिय हो गया है।
अधिकारियों ने कहा है कि:
- इस पूरे मामले की जांच की जाएगी
- यह देखा जाएगा कि कहीं वन्यजीव कानूनों का उल्लंघन तो नहीं हुआ
- अगर कोई लापरवाही पाई गई, तो कार्रवाई होगी
एक बड़ी सीख
Chanchal की कहानी सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि यह हमें सोचने पर मजबूर करती है। क्या हम जानवरों को सिर्फ एक “प्रॉप” की तरह देखने लगे हैं?
क्या कला और क्रिएटिविटी के नाम पर उनकी भावनाओं को नजरअंदाज किया जा सकता है?
आखिरी बात
चाहे इस मामले में मौत का कारण कुछ भी हो, लेकिन इसने एक जरूरी बहस जरूर शुरू कर दी है। अब जरूरत है कि हम सिर्फ वायरल वीडियो देखकर प्रतिक्रिया न दें, बल्कि यह समझें कि जानवर भी संवेदनशील जीव हैं। शायद यही सोच भविष्य में ऐसे मामलों को रोक सकती है।
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