भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष K. Annamalai ने साफ कर दिया कि वे आगामी चुनाव में उम्मीदवार के तौर पर मैदान में नहीं उतरेंगे।
तमिलनाडु की राजनीति में एक अहम मोड़ तब आया जब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष K. Annamalai ने साफ कर दिया कि वे आगामी चुनाव में उम्मीदवार के तौर पर मैदान में नहीं उतरेंगे। उन्होंने यह फैसला ऐसे समय लिया है जब राज्य में चुनावी सरगर्मियां तेज हैं और राजनीतिक दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
K. Annamalai चुनावी दौड़ से बाहर
अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि पार्टी द्वारा तैयार की गई संभावित उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम शामिल नहीं था। उन्होंने खुद ही चुनाव लड़ने के बजाय संगठन और गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करने का विकल्प चुना। उनका कहना है कि यदि वे चाहते, तो तमिलनाडु की किसी भी सीट से चुनाव लड़ सकते थे, लेकिन फिलहाल उनकी प्राथमिकता पार्टी को मजबूत करना है।
केरल प्रचार छोड़ चेन्नई लौटे
दक्षिण भारत में भाजपा के प्रमुख चेहरों में शामिल अन्नामलाई केरल में चुनाव प्रचार कर रहे थे। हालांकि, प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ होने वाली अहम बैठक में शामिल होने के लिए उन्होंने अपना कार्यक्रम बीच में ही रोक दिया और चेन्नई लौट आए। यह बैठक आगामी चुनावों की रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
“मेरी भूमिका प्रचार की है” – अन्नामलाई
मीडिया से बातचीत में K. Annamalai ने कहा, “मैं इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं हूं। पार्टी ने मुझे तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में प्रचार की जिम्मेदारी दी है और मैं इसे पूरी निष्ठा के साथ निभाऊंगा।”
उन्होंने बताया कि 7 अप्रैल तक वे पुडुचेरी और केरल में प्रचार करेंगे, जिसके बाद 23 अप्रैल तक तमिलनाडु में सक्रिय रहेंगे। उनका फोकस भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवारों को मजबूत समर्थन देना है।
कोर कमेटी की अहम बैठक में भागीदारी
सूत्रों के मुताबिक, K. Annamalai को भाजपा की राज्य कोर कमेटी की एक बंद कमरे में होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। इसमें राज्य के लगभग दस वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे और चुनावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई की इस बैठक में मौजूदगी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण संकेत है, क्योंकि वे तमिलनाडु में भाजपा के संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा चुके हैं।
पहले ही दे दी थी जानकारी
K. Annamalai ने खुलासा किया कि उन्होंने एक सप्ताह पहले ही केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal को अपने चुनाव न लड़ने के फैसले के बारे में बता दिया था। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव B. L. Santhosh और पार्टी नेतृत्व को भी इस फैसले से अवगत करा दिया गया था।
मोदी से मुलाकात को बताया सामान्य
प्रधानमंत्री मोदी के साथ होने वाली मुलाकात पर अन्नामलाई ने कहा कि यह चुनाव के दौरान होने वाली एक सामान्य चर्चा होगी। उन्होंने इसे एक अवसर के रूप में देखा, जहां वे प्रधानमंत्री के साथ विचार साझा कर सकेंगे और चुनावी रणनीति पर चर्चा कर पाएंगे।
युवा नेतृत्व और संगठन पर फोकस
अन्नामलाई को भाजपा के उभरते हुए युवा नेताओं में गिना जाता है। पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे अन्नामलाई ने राजनीति में आने के बाद कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके नेतृत्व में तमिलनाडु भाजपा ने जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है।
उनका यह फैसला यह संकेत देता है कि भाजपा इस बार तमिलनाडु में केवल सीट जीतने के बजाय संगठन को मजबूत करने और दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है। अन्नामलाई जैसे नेताओं की सक्रियता से पार्टी को दक्षिण भारत में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
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