Foreign Girl पर चढ़ा देवी का रंग? Kodungallur Festival का Video बना चर्चा का केंद्र
Kodungallur Festival: केरल का प्रसिद्ध कोडुंगल्लूर भरणी उत्सव 2026 इस बार सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी चर्चा का विषय बन गया। वजह बनी एक विदेशी महिला व्लॉगर, जिसने इस त्योहार में हिस्सा लिया और उसके अनुभव को अपने कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर शेयर किया।
इस वीडियो के वायरल होते ही लोग उस महिला के बारे में जानने लगे और यह त्योहार फिर से सुर्खियों में आ गया।
कौन हैं यह विदेशी महिला?
इस महिला का नाम नित्यास्री पाउला सेगारा (Nithyasri Paula Segara) बताया जा रहा है। वह एक विदेशी कंटेंट क्रिएटर हैं, जो भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता में गहरी रुचि रखती हैं।
नित्यास्री अक्सर भारत के मंदिरों, धार्मिक अनुष्ठानों और त्योहारों से जुड़े वीडियो बनाती हैं और उन्हें अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा करती हैं।
लाल साड़ी में पहुंचीं, भक्ति में डूबी नजर आईं
इस बार नित्यास्री खास तौर पर कोडुंगल्लूर भरणी उत्सव में शामिल होने के लिए केरल पहुंचीं। उन्होंने पारंपरिक लाल साड़ी पहनी और पूरी श्रद्धा के साथ इस उत्सव में हिस्सा लिया।
वीडियो में देखा जा सकता है कि वह भीड़ के बीच पूरी तरह भक्ति में डूबी हुई हैं और एक खास तरह की ऊर्जावान धार्मिक नृत्य शैली में शामिल हो जाती हैं।
‘उग्र’ और ‘Raw’ बताया अनुभव
नित्यास्री ने इस पूरे अनुभव को बेहद शक्तिशाली और भावनात्मक बताया। उनके अनुसार, यह सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि आस्था की गहरी अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि यह भारत का सबसे “raw” और “intense” धार्मिक अनुभवों में से एक है, जहां लोग अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करते हैं।
क्या है कोडुंगल्लूर भरणी उत्सव?
कोडुंगल्लूर भरणी उत्सव केरल के कोडुंगल्लूर मंदिर में मनाया जाने वाला एक बेहद अनोखा और ऊर्जावान त्योहार है। यह देवी ‘कोडुंगल्लूर अम्मा’ को समर्पित है।
इस उत्सव में भक्त पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ देवी की पूजा करते हैं और कई बार अपनी भावनाओं को नृत्य, गीत और अन्य अनुष्ठानों के जरिए व्यक्त करते हैं।
वीडियो वायरल, लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
जैसे ही नित्यास्री का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं।
कुछ लोगों ने उनके इस अनुभव को सराहा और कहा कि उन्होंने भारतीय संस्कृति को दिल से अपनाया है। वहीं कुछ लोगों ने इसे “ओवर एक्टिंग” या “थिएट्रिकल” भी बताया।
कई लोग समर्थन में भी आए
हालांकि, बड़ी संख्या में लोग नित्यास्री के समर्थन में भी नजर आए। उनका कहना था कि यह एक व्यक्तिगत अनुभव है और हर व्यक्ति अपनी आस्था को अपने तरीके से व्यक्त करता है।
कई लोगों ने यह भी कहा कि एक विदेशी महिला का इस तरह भारतीय परंपरा से जुड़ना अपने आप में खास बात है।
विदेशों में बढ़ती भारतीय संस्कृति की लोकप्रियता
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि भारतीय संस्कृति और परंपराएं अब दुनिया भर में लोगों को आकर्षित कर रही हैं। खासतौर पर केरल जैसे राज्यों के अनोखे त्योहार विदेशी पर्यटकों और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक खास अनुभव बनते जा रहे हैं।
सोशल मीडिया का बढ़ता असर
आज के दौर में सोशल मीडिया किसी भी घटना को कुछ ही घंटों में पूरी दुनिया तक पहुंचा देता है। नित्यास्री का वीडियो इसका एक बड़ा उदाहरण है। एक छोटा सा अनुभव अब लाखों लोगों तक पहुंच चुका है और लोग इसे देख रहे हैं, समझ रहे हैं और अपनी राय भी दे रहे हैं।
आखिरी बात
कोडुंगल्लूर भरणी उत्सव सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था, ऊर्जा और परंपरा का संगम है। नित्यास्री पाउला सेगारा का यह अनुभव हमें यह भी सिखाता है कि संस्कृति की कोई सीमा नहीं होती। जब कोई व्यक्ति दिल से किसी परंपरा को अपनाता है, तो वह सिर्फ एक दर्शक नहीं रहता, बल्कि उस अनुभव का हिस्सा बन जाता है।
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