LPG Price Hike 2026: सिलेंडर 60 रुपये महंगा, क्या अब Petrol-Diesel भी बढ़ेंगे?
LPG Price Hike 2026: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब धीरे-धीरे भारत के आम लोगों की जेब पर भी दिखाई देने लगा है। हाल ही में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। इसके बाद अब लोगों के मन में एक नया सवाल उठ रहा है—क्या आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं?
तेल कंपनियों ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहा है और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो इसका असर भारत सहित कई देशों के ईंधन बाजार पर पड़ सकता है।
अब कितनी हो गई LPG सिलेंडर की कीमत?
तेल कंपनियों द्वारा की गई बढ़ोतरी के बाद अब दिल्ली में 14.2 किलो का घरेलू LPG सिलेंडर 913 रुपये में मिलेगा। अलग-अलग शहरों में इसकी कीमत थोड़ी अलग है।
मुख्य शहरों में घरेलू LPG की कीमतें इस प्रकार हैं:
- दिल्ली: ₹913
- मुंबई: ₹912.50
- कोलकाता: ₹930
- चेन्नई: ₹928.50
इसके अलावा 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। अब दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर लगभग 1883 रुपये में मिल रहा है, जबकि कोलकाता और चेन्नई में इसकी कीमत 2000 रुपये के आसपास पहुंच चुकी है।
क्यों बढ़ रहे हैं तेल के दाम?
दरअसल, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कई कारणों से प्रभावित होती हैं। इनमें सबसे बड़ा कारण होता है भूराजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension)। जब किसी तेल उत्पादक क्षेत्र में युद्ध या अस्थिरता होती है तो तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
मिडिल ईस्ट दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादन क्षेत्रों में से एक है। खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) एक बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई इसी समुद्री मार्ग से होती है।
हाल ही में इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है।
कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 35 प्रतिशत से ज्यादा की साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई है, जो 1983 के बाद सबसे बड़ी उछाल मानी जा रही है। वहीं ब्रेंट क्रूड ऑयल भी लगभग 28 प्रतिशत तक बढ़ गया है।
जब कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो उसका सीधा असर पेट्रोल, डीजल और LPG जैसे ईंधनों पर पड़ता है। इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह ट्रेंड जारी रहता है तो आने वाले समय में मोटर फ्यूल यानी पेट्रोल-डीजल भी महंगे हो सकते हैं।
क्या $150 प्रति बैरल तक जा सकता है तेल?
कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने एक इंटरव्यू में कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है तो कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है।
अगर ऐसा हुआ तो वैश्विक ईंधन बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है और कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है।
फिलहाल भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम
हालांकि फिलहाल भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 7 मार्च 2026 तक नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत लगभग 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत करीब 87.67 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है।
तेल बाजार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में ईंधन की कीमतें सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ तुरंत नहीं बदलतीं। इसके पीछे सरकार की नीतियां, टैक्स संरचना और फ्यूल प्राइसिंग सिस्टम भी अहम भूमिका निभाते हैं।
क्या आगे बढ़ सकती हैं कीमतें?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी रहती है और वैश्विक सप्लाई प्रभावित होती है, तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इसलिए तुरंत कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम मानी जा रही है।
फिर भी अंतरराष्ट्रीय हालात जिस तरह बदल रहे हैं, उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में ईंधन बाजार पर नजर रखना जरूरी होगा। क्योंकि दुनिया में कहीं भी तेल सप्लाई में हलचल होती है, तो उसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है।
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