राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से नाता तोड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान कर दिया।
Raghav Chadha joins BJP: देश की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से नाता तोड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान कर दिया। उनके इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और इसे AAP के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
“AAP अपने मूल उद्देश्यों से भटक चुकी है”
राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्होंने आम आदमी पार्टी को अपने जीवन के 15 साल दिए, लेकिन अब पार्टी पूरी तरह अपने मूल उद्देश्यों से भटक चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में अब भ्रष्टाचार का बोलबाला है और ईमानदार राजनीति की जगह सत्ता की राजनीति हावी हो गई है। चड्ढा ने कहा कि उनके सामने दो ही विकल्प थे—या तो राजनीति छोड़ दें या एक नया रास्ता चुनें।
“मैंने राजनीति छोड़ने के बजाय देश के लिए काम जारी रखने का फैसला किया है,” उन्होंने कहा।
बीजेपी में विलय और मोदी-शाह की तारीफ
राघव चड्ढा ने घोषणा की कि वह अब Bharatiya Janata Party के साथ जुड़ रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi और गृह मंत्री Amit Shah के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वह उनके विजन के साथ मिलकर देश के विकास में योगदान देना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सांसद उनके साथ हैं और वे भी बीजेपी में शामिल होंगे। अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह AAP के लिए संसद में बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकता है।
कौन-कौन सांसद हो सकते हैं शामिल?
राघव चड्ढा के अनुसार, कई राज्यसभा सांसद उनके फैसले का समर्थन कर रहे हैं। इनमें विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह और अशोक मित्तल जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
हालांकि, इन नेताओं की ओर से आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है, जिससे राजनीतिक स्थिति और भी दिलचस्प बन गई है।
Raghav Chadha joins BJP पर संदीप पाठक का बयान
इसी बीच AAP के वरिष्ठ नेता Sandeep Pathak ने भी पार्टी से अलग होने की बात कही। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दिन आएगा।
“मैं पिछले 10 साल से पार्टी से जुड़ा था। हमने ईमानदारी से देश के लिए काम करने का सपना देखा था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं,” उन्होंने कहा।
पाठक ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा देश के लिए काम करना रहा है और वह आगे भी इसी दिशा में काम करते रहेंगे।
AAP का पलटवार: “ऑपरेशन लोटस”
राघव चड्ढा के इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। AAP के वरिष्ठ नेता Sanjay Singh ने इसे बीजेपी का “ऑपरेशन लोटस” करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने राजनीतिक दबाव और लालच देकर AAP के सांसदों को तोड़ने की कोशिश की है।
संजय सिंह ने कहा “यह घटिया राजनीति है। पंजाब की जनता इसे कभी माफ नहीं करेगी” । उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पार्टी ने राघव चड्ढा को विधायक से लेकर राज्यसभा सांसद तक पहुंचाया।
क्या है ‘ऑपरेशन लोटस’?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, “ऑपरेशन लोटस” शब्द का इस्तेमाल अक्सर उस रणनीति के लिए किया जाता है, जिसमें विपक्षी दलों के नेताओं को तोड़कर सत्ता पक्ष में शामिल किया जाता है।
हालांकि, बीजेपी ने इन आरोपों को कई बार खारिज किया है और इसे विपक्ष का “राजनीतिक नैरेटिव” बताया है।
आगे क्या होगा?
राघव चड्ढा के इस फैसले के बाद अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या वाकई AAP के दो-तिहाई राज्यसभा सांसद उनके साथ जाएंगे या नहीं।
अगर ऐसा होता है, तो संसद में AAP की स्थिति कमजोर हो सकती है और बीजेपी को एक बड़ा राजनीतिक फायदा मिल सकता है। वहीं, आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।
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