T20 World Cup 2026 के दौरान सट्टेबाजी पर बड़ी कार्रवाई: अहमदाबाद, नोएडा और दिल्ली में हाईटेक बेटिंग नेटवर्क का पर्दाफाश
T20 World Cup 2026 का खुमार इन दिनों पूरे देश में छाया हुआ है। क्रिकेट प्रेमी जहां अपनी पसंदीदा टीम को सपोर्ट कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस बड़े टूर्नामेंट का फायदा उठाकर अवैध सट्टेबाजी करने वाले गिरोह भी सक्रिय हो गए हैं। हाल ही में अहमदाबाद, नोएडा और दिल्ली में पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए क्रिकेट सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इन छापेमारियों में कई आरोपी गिरफ्तार हुए हैं और भारी मात्रा में नकदी व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
अहमदाबाद में सट्टा नेटवर्क का खुलासा
T20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मैच से पहले अहमदाबाद पुलिस की स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के निकोल इलाके में स्थित ‘सृष्टि लेवीज़’ अपार्टमेंट में चल रहे एक बड़े सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश किया। पुलिस की छापेमारी में दो मुख्य आरोपियों विजयकुमार कारडाणी और रमेश गोधासरा को गिरफ्तार किया गया।
इस मामले में सट्टेबाजी से जुड़े 46 अन्य आरोपियों को वांटेड घोषित किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान करीब 3.43 लाख रुपये का सामान जब्त किया है। इसमें 1.82 लाख रुपये नकद, 8 मोबाइल फोन, 1 टैबलेट, 1 लैपटॉप और एक टीवी शामिल है।
जांच में सामने आया कि आरोपी “मास्टर आईडी” के जरिए सट्टेबाजी का संचालन करते थे। इस मास्टर आईडी के माध्यम से देशभर में बैठे लोगों से ऑनलाइन सट्टा लगवाया जाता था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि इस आईडी में करोड़ों रुपये का बैलेंस मौजूद था, जिससे इस रैकेट के बड़े पैमाने पर चलने का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नोएडा में हाईटेक बेटिंग सिंडिकेट पकड़ा गया
Online Cricket Betting India से जुड़ा एक बड़ा मामला उत्तर प्रदेश के नोएडा में सामने आया है। पुलिस ने क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी कराने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सेक्टर-113 थाना पुलिस और CRT/SWAT-2 टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरोह के मास्टरमाइंड समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनय सहगल, नवदीप सिंह, राजीव शर्मा, सलील सेठ और देव कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड विनय सहगल है, जो दिल्ली का रहने वाला बताया जा रहा है।
जांच में पता चला कि यह गिरोह Zoom ऐप के ऑडियो फीचर का इस्तेमाल कर ऑनलाइन सट्टेबाजी की “खाई-बाड़ी” चला रहा था। फोन या वीडियो कॉल के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठे लोगों से करोड़ों रुपये का सट्टा लगवाया जाता था।
छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से 32 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 3 टैबलेट और 3 डेस्कटॉप कंप्यूटर बरामद हुए। इसके अलावा रिकॉर्डिंग और हिसाब-किताब रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले आईसी रिकॉर्डर और असेंबल लाइन बॉक्स भी मिले हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने एक तरह का हाईटेक कॉल सेंटर बना रखा था, जहां से पूरे देश में सट्टेबाजी का संचालन किया जा रहा था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर के अलावा पंजाब और नेपाल तक फैला हुआ हो सकता है।
दिल्ली में ऑनलाइन बेटिंग ऐप का भंडाफोड़
दिल्ली पुलिस ने भी हाल ही में एक बड़े ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ‘JANNAT 247’ नाम के ऐप के जरिए चल रहे अवैध बेटिंग नेटवर्क को पकड़ते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और साउथ-वेस्ट जिले की टीम ने पश्चिम विहार इलाके में छापेमारी कर आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। जांच में सामने आया कि आरोपी मोबाइल और लैपटॉप के जरिए क्रिकेट मैचों पर सट्टा लगवा रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपांशु सरदाना, एरिक गिरी उर्फ नंदू गिरी, रमनप्रीत और हरजिंदर उर्फ हुंग के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क का संचालन दुबई से किया जा रहा था, जबकि दिल्ली में इसका लोकल मॉड्यूल काम कर रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ आरोपी दुबई जाकर ऑनलाइन सट्टेबाजी चलाने की ट्रेनिंग लेकर आए थे। पुलिस अब इस पूरे मामले में दुबई कनेक्शन और फंडिंग नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
पुलिस की बढ़ी सतर्कता
क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान सट्टेबाजी के मामलों में तेजी आने की संभावना रहती है। यही वजह है कि T20 वर्ल्ड कप के दौरान देशभर में पुलिस और जांच एजेंसियां विशेष निगरानी कर रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब सट्टेबाज पहले की तरह खुले स्थानों पर नहीं बैठते, बल्कि निजी अपार्टमेंट, कॉल सेंटर या चलती गाड़ियों का इस्तेमाल करके अपना नेटवर्क चलाते हैं। साथ ही वे ऑनलाइन ऐप, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग और डिजिटल पेमेंट सिस्टम का भी इस्तेमाल करते हैं ताकि पुलिस से बच सकें।
हालांकि हाल की इन कार्रवाइयों से साफ है कि पुलिस लगातार ऐसे अवैध नेटवर्क को पकड़ने के लिए सक्रिय है। जांच एजेंसियां अब इन गिरोहों से जुड़े अन्य लोगों और उनके फाइनेंशियल नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं, ताकि क्रिकेट के नाम पर चल रहे इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
यह भी पढ़े







