दलाई लामा के उत्तराधिकारी को लेकर भारत और चीन के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। भारत ने साफ कर दिया है कि इस मामले में चीन की कोई भूमिका नहीं होगी। दलाई लामा तिब्बती बौद्ध धर्म के सबसे बड़े आध्यात्मिक गुरु माने जाते हैं। वह न सिर्फ तिब्बतियों के लिए एक धार्मिक प्रतीक हैं, बल्कि उनके लिए एक उम्मीद और पहचान का भी प्रतीक हैं। इस समय दुनिया के 14वें दलाई लामा हैं – तेनजिन ग्यात्सो। वह 1959 में चीन के अत्याचारों के कारण तिब्बत छोड़कर भारत आए और तब से हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में निर्वासित जीवन जी रहे हैं।