6 Year Old Girl Sexual Assault: मासूम पर हमला! दिल्ली में 6 साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म, दो नाबालिग हिरासत में
6 Year Old Girl Sexual Assault: दिल्ली से एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आई है, जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली इलाके में एक 6 साल की मासूम बच्ची के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में तीन नाबालिग लड़कों पर आरोप लगे हैं, जिनमें से दो को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जबकि तीसरे की तलाश अभी जारी है।
यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा करती है।
18 जनवरी को हुई घटना, बाद में दर्ज हुई शिकायत
पुलिस के अनुसार, यह घटना 18 जनवरी की बताई जा रही है। शुरुआती तौर पर मामला सामने नहीं आया, लेकिन बाद में बच्ची के परिजनों ने हिम्मत जुटाकर पुलिस से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया।
इस केस में भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है।
तीनों आरोपी नाबालिग, उम्र 10 से 16 साल के बीच
पुलिस ने जानकारी दी है कि जिन तीन लड़कों पर आरोप है, वे सभी नाबालिग हैं।
- एक की उम्र करीब 10 साल,
- दूसरे की 13 साल,
- और तीसरे की उम्र लगभग 16 साल बताई जा रही है।
दो आरोपियों को हिरासत में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया है। कानून के तहत नाबालिगों के मामलों में अलग प्रक्रिया अपनाई जाती है।
बच्ची को बहला-फुसलाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोप है कि तीनों नाबालिगों ने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए और उसके साथ अपराध किया। हालांकि, जांच अभी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
इस तरह के मामलों में पुलिस न केवल आरोपियों के बयान दर्ज करती है, बल्कि घटना से जुड़े हर छोटे-बड़े सबूत को भी इकट्ठा करती है।
बच्ची की मेडिकल जांच और काउंसलिंग
मामला सामने आने के बाद बच्ची को चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उसकी जांच की गई और उसे जरूरी मेडिकल देखभाल दी जा रही है।
इसके साथ-साथ बच्ची को मानसिक परामर्श (काउंसलिंग) भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वह इस सदमे से धीरे-धीरे उबर सके। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि बच्ची और उसके परिवार की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जा रही है।
तीसरे आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
इस मामले में तीसरा आरोपी अभी फरार है। पुलिस ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और स्थानीय सूत्रों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा और मामले में कोई भी ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
समाज के लिए चेतावनी और सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि
- क्या हमारे आसपास बच्चे सुरक्षित हैं?
- क्या परिवार, समाज और सिस्टम बच्चों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सतर्क हैं?
नाबालिगों द्वारा इस तरह के अपराध की खबरें यह भी बताती हैं कि बच्चों में सही-गलत की समझ, निगरानी और सामाजिक जिम्मेदारी पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
जांच जारी, न्याय की उम्मीद
फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और पोस्ट-जांच प्रक्रिया के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिजनों को भरोसा दिलाया गया है कि बच्ची को न्याय दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
यह मामला सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है—
कि बच्चों की सुरक्षा सिर्फ कानून का नहीं, हम सबकी जिम्मेदारी है।
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