3 सवाल हटे, अंक कैसे जुड़ेंगे? जानिए JEE Main 2026 का पूरा हिसाब
JEE Main 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने JEE Main 2026 सेशन-1 पेपर 2 की फाइनल आंसर-की जारी कर दी है। अब लाखों स्टूडेंट्स की नजर रिजल्ट पर टिकी है, जो कभी भी घोषित किया जा सकता है। कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर फाइनल आंसर-की का पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं।
पेपर 2 खासतौर पर B.Arch और B.Planning कोर्स में एडमिशन के लिए होता है। 29 जनवरी 2026 को हुई इस परीक्षा की प्रोविजनल आंसर-की 19 और 20 फरवरी के बीच चैलेंज के लिए उपलब्ध थी। आपत्तियों पर विचार करने के बाद NTA ने फाइनल आंसर-की जारी की है, जिसमें तीन सवाल हटा दिए गए हैं।
मार्किंग स्कीम क्या है?
ऑफिशियल नियम के मुताबिक, हर सही जवाब पर 4 अंक मिलेंगे, जबकि गलत जवाब पर 1 अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी। रिजल्ट इसी फाइनल आंसर-की के आधार पर तैयार होगा। इसलिए यह आंसर-की हर छात्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
आंसर-की कैसे डाउनलोड करें?
स्टूडेंट्स इन आसान स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं—
सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाएं।
- “JEE Main 2026 Paper 2 Final Answer Key” लिंक पर क्लिक करें।
- स्क्रीन पर पीडीएफ खुल जाएगी।
- उसे डाउनलोड करके अपने जवाब मिलाएं।
रिजल्ट देखने के लिए एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करना होगा। अभी तक रिजल्ट की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही इसे जारी कर दिया जाएगा।
क्यों अहम है फाइनल आंसर-की?
JEE Main देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। इसके आधार पर IIT, NIT, IIIT और अन्य सरकारी तकनीकी संस्थानों में एडमिशन मिलता है। इसलिए फाइनल आंसर-की से तय होने वाले अंक छात्रों के भविष्य का रास्ता तय करते हैं।
इसी बीच, JEE Main 2026 के पहले सत्र के नतीजों में कई छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इनमें एक नाम छतरपुर के छोटे से गांव करारागंज के प्रिंस अहिरवार का भी है, जिनकी कहानी आज हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है।
प्रिंस की मेहनत रंग लाई
छतरपुर जिले के नौगांव निवासी प्रिंस अहिरवार ने JEE Main 2026 के पहले प्रयास में सफलता हासिल की है। खास बात यह है कि उन्होंने किसी बड़े शहर में जाकर कोचिंग नहीं की, बल्कि अपने ही जिले में रहकर तैयारी की।
प्रिंस एक किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता महिपाल अहिरवार खेती करते हैं और मां पार्वती घर संभालती हैं। आर्थिक रूप से बहुत मजबूत माहौल नहीं था, लेकिन सपने बड़े थे।
प्रिंस बताते हैं कि इंजीनियर बनने की प्रेरणा उन्हें उनके दादा बिहारी लाल जी से मिली। दादा जी ने ही 11वीं में साइंस स्ट्रीम लेने के लिए प्रोत्साहित किया था। आज दादा इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन प्रिंस कहते हैं—“उनका आशीर्वाद मेरे साथ है।”
पहले प्रयास में सफलता, फिर भी संतोष नहीं
प्रिंस ने 91 परसेंटाइल हासिल किया है और JEE Advanced के लिए क्वालीफाई कर लिया है। लेकिन वे इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि वे दूसरे अटेम्प्ट में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे, ताकि टॉप NIT या IIT में एडमिशन मिल सके।
वे बताते हैं कि ड्रॉपर के तौर पर उन्होंने पूरा साल तैयारी को समर्पित किया। सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक कोचिंग और फिर घर आकर सेल्फ-स्टडी—यही उनकी दिनचर्या थी। टीचर्स द्वारा दिए गए डेली टास्क को वे पूरी ईमानदारी से पूरा करते थे।
कोचिंग सेंटर के ओनर और मैथ्स टीचर शैलेंद्र का कहना है कि प्रिंस और ध्रुव जैसे छात्रों की सफलता से पूरे छतरपुर में खुशी का माहौल है। छोटे शहर से निकलकर बड़ी परीक्षा में सफलता पाना आसान नहीं होता, लेकिन इन बच्चों ने साबित कर दिया कि मेहनत और सही गाइडेंस से कुछ भी संभव है।
उम्मीद और मेहनत की कहानी
एक तरफ लाखों छात्र JEE Main 2026 के रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं, वहीं प्रिंस जैसी कहानियां यह साबित करती हैं कि संसाधन कम हों तो भी हौसले बड़े होने चाहिए।
फाइनल आंसर-की जारी हो चुकी है, अब अगला कदम है रिजल्ट। हर छात्र के लिए यह समय धैर्य और आत्मविश्वास का है। क्योंकि एक परीक्षा भले ही रास्ता दिखाए, लेकिन असली मंजिल मेहनत और लगन से ही मिलती है।
यह भी पढ़े
Delhi Education Reform: AI क्लासरूम से कौशल लैब तक… दिल्ली के 75 सरकारी स्कूल बने ‘CM श्री स्कूल’







