Blue Drum Murder: जिस बेटे को पढ़ाया-लिखाया, उसी ने छीन ली जान! सनसनीखेज वारदात
Blue Drum Murder: लखनऊ के आशियाना इलाके से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर दिया है। एक 21 साल के बेटे ने अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, उसने शव को टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में छिपा दिया। तीन दिन तक वह पुलिस और परिवार के सामने गुमशुदगी की कहानी गढ़ता रहा। लेकिन सच ज्यादा देर छिप नहीं सका।
यह पूरी घटना आशियाना सेक्टर-L स्थित मकान नंबर 91 की है। मृतक की पहचान 49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह के रूप में हुई है। वे ‘वर्धमान पैथोलॉजी लैब’ के मालिक थे और इलाके में अच्छी पहचान रखते थे। परिवार मूल रूप से जालौन का रहने वाला है। उनके पिता सुरेंद्र पाल सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस से रिटायर्ड हैं।
खुद दर्ज कराई गुमशुदगी, फिर बदलता रहा बयान
20 फरवरी को मानवेंद्र सिंह अचानक लापता हो गए। बेटे अक्षत ने ही पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई। उसने बताया कि पिता सुबह 6 बजे दिल्ली जाने की बात कहकर निकले थे और 21 फरवरी तक लौटने वाले थे। लेकिन उनके तीनों मोबाइल नंबर बंद आ रहे थे।
पुलिस ने तलाश शुरू की। मोबाइल की आखिरी लोकेशन काकोरी स्थित लैब में मिली। वहां भी कोई सुराग नहीं मिला। इस बीच पुलिस को अक्षत के बयान में विरोधाभास नजर आया। पूछताछ में वह बार-बार अपनी कहानी बदल रहा था। पहले उसने कहा कि पिता ने सुसाइड कर लिया है, फिर अचानक बोला—“मैंने ही मारा है।”
सुबह 4:30 बजे चली गोली
कड़ाई से पूछताछ में अक्षत ने कबूल किया कि 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे उसका पिता से विवाद हुआ। बहस इतनी बढ़ी कि वह लाइसेंसी राइफल ले आया और गुस्से में गोली चला दी। गोली लगते ही पिता की मौत हो गई।
इसके बाद जो हुआ, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। अक्षत ने शव को तीसरी मंजिल से नीचे लाकर एक खाली कमरे में टुकड़ों में काटा। कुछ हिस्सों को कार में डालकर सदरौना इलाके में फेंक आया। बाकी धड़ को नीले ड्रम में भरकर घर में ही छिपा दिया।
सिर अब भी गायब
पुलिस ने घर से नीले ड्रम में भरा धड़ बरामद कर लिया है। लेकिन सिर अभी तक नहीं मिला है। आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि सिर को ठिकाने लगाने के लिए उसने कार का इस्तेमाल किया। कार की सफाई भी की गई थी। खून के निशान मिलने के बाद शक और गहरा गया।
बहन को दी धमकी
हैरान करने वाली बात यह है कि जब अक्षत ने गोली चलाई, तब उसकी बहन कृति भी घर में मौजूद थी। पुलिस के मुताबिक, उसने बहन को धमकी दी थी कि अगर किसी को बताया तो उसे भी मार देगा। डर की वजह से बहन चुप रही।
तीन दिन तक चलता रहा ड्रामा
हत्या के बाद अक्षत सामान्य व्यवहार करता रहा। रिश्तेदारों और पड़ोसियों के सामने चिंता जताता रहा। पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा। लेकिन सवालों की कड़ियां जुड़ती गईं और आखिरकार सच्चाई सामने आ गई।
परिवार और मोहल्ले में सन्नाटा
मानवेंद्र सिंह की पत्नी का 9 साल पहले निधन हो चुका है। परिवार में बेटा और बेटी ही थे। बुजुर्ग पिता सुरेंद्र पाल सिंह जब लाठी के सहारे घर पहुंचे, तो वहां का दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था। मोहल्ले में सन्नाटा पसरा है। लोग यकीन नहीं कर पा रहे कि पढ़ाई कर रहा एक युवक इतना बड़ा कदम उठा सकता है।
पुलिस क्या कह रही है?
मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस उपायुक्त मध्य विक्रांत वीर ने बताया कि आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया है। फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है। हत्या के पीछे की असली वजह अभी साफ नहीं हुई है। जांच जारी है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटने की कहानी है। एक घर, जहां कभी पिता-पुत्र साथ रहते थे, अब वहां सिर्फ सवाल और खामोशी बची है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक बेटे ने अपने ही पिता की जिंदगी खत्म कर दी? इस सवाल का जवाब शायद जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
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