Delhi Metro Name Change: 9 स्टेशनों के नाम बदले, सफर से पहले देख लें नई लिस्ट!
Delhi Metro Name Change: दिल्ली मेट्रो राजधानी की लाइफलाइन मानी जाती है। रोजाना लाखों लोग मेट्रो से ऑफिस, कॉलेज, बाजार और दूसरे कामों के लिए सफर करते हैं। ऐसे में अगर किसी स्टेशन का नाम बदल जाए, तो यात्रियों के लिए जानकारी होना बेहद जरूरी हो जाता है। दिल्ली सरकार ने हाल ही में 9 मेट्रो स्टेशनों के नामों में बदलाव का फैसला लिया है। यह निर्णय राज्य नाम प्राधिकरण (SNA) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में 21 स्टेशनों के नाम प्रस्तावित किए गए थे। इन नामों की समीक्षा की गई। समीक्षा के बाद 12 नामों को यथावत रखने का फैसला हुआ, 7 नामों में संशोधन किया गया और 2 स्टेशनों के नाम पूरी तरह बदल दिए गए।
सरकार का कहना है कि मेट्रो स्टेशन केवल ट्रांसपोर्ट का जरिया नहीं होते, बल्कि वे किसी इलाके की पहचान, इतिहास और सांस्कृतिक महत्व को भी दर्शाते हैं। कई नाम ऐसे थे जो स्थानीय पहचान से मेल नहीं खाते थे या यात्रियों को स्पष्ट दिशा नहीं देते थे। इसलिए बदलाव जरूरी समझा गया।
कौन-कौन से नाम यथावत रहेंगे?
मजलिस पार्क, भलस्वा, हैदरपुर बादली मोड़, दीपाली चौक, यमुना विहार, भजनपुरा, खजूरी खास, सूरघाट, झड़ौदा माजरा, बुराड़ी, पुष्पांजलि और मौजपुर-बाबरपुर—इन स्टेशनों के नाम पहले जैसे ही रहेंगे।
इन स्टेशनों के नामों में हुआ संशोधन
- उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार (पहले: प्रशांत विहार)
- जगतपुर-वजीराबाद (पहले: जगतपुर)
- नानक प्याऊ-डेरावल नगर (पहले: डेरावल नगर)
- खानपुर-वायु सेनाबाद (पहले: खानपुर)
- नानकसर-सोनिया विहार (पहले: सोनिया विहार)
- श्री राम मंदिर मयूर विहार (पहले: मयूर विहार पॉकेट-1)
- मंगोलपुर कलां-वेस्ट एन्क्लेव (पहले: वेस्ट एन्क्लेव)
पूरी तरह बदले गए नाम
- हैदरपुर गांव (पहले: नार्थ पीतमपुरा)
- मधुबन चौक (पीतमपुरा)
सरकार का कहना है कि नए नाम स्थानीय पहचान के अधिक करीब हैं और यात्रियों को भ्रम से बचाएंगे। खासकर उन इलाकों में जहां एक जैसे नामों के कई हिस्से हैं, वहां स्पष्टता बढ़ेगी।
यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?
शुरुआत में कुछ यात्रियों को पुराने नामों की आदत के कारण थोड़ी उलझन हो सकती है। लेकिन जल्द ही मेट्रो मैप, स्टेशन एनाउंसमेंट और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नए नाम अपडेट कर दिए जाएंगे। यात्रियों को सलाह दी गई है कि सफर से पहले नई सूची जरूर देख लें।
‘नमो भारत’ से जुड़े अपडेट
इसी मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘नमो भारत’ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों की रफ्तार बदल देगी। इससे यात्रा समय कम होगा और कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
क्यों अहम है यह फैसला?
स्टेशन का नाम सिर्फ एक बोर्ड पर लिखा शब्द नहीं होता। वह उस इलाके की पहचान बन जाता है। कई बार नाम से ही क्षेत्र का इतिहास और महत्व झलकता है। इसलिए सरकार ने हर नाम पर गंभीरता से विचार करने के बाद अंतिम फैसला लिया।
निष्कर्ष
दिल्ली तेजी से बदल रही है—नई परियोजनाएं, नए कॉरिडोर और अब बदले हुए स्टेशन नाम। यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे अपडेट रहें। अगली बार जब आप मेट्रो से सफर करें, तो स्टेशन का नाम ध्यान से सुनें। नाम बदला है, लेकिन आपकी मंजिल वही रहेगी।
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