Kumaoni Holi Uttarakhand से Gair Holi Rajasthan तक, Holi 2026 Traditions Explained
Holi 2026: होली का नाम सुनते ही मन में गुलाल, पिचकारी, गुझिया और ढेर सारी मस्ती की तस्वीर उभर आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं है? हर राज्य, हर क्षेत्र इसे अपने खास अंदाज और परंपराओं के साथ मनाता है। कहीं लाठियां चलती हैं, कहीं फूल बरसते हैं, तो कहीं तलवारबाजी और घुड़सवारी का प्रदर्शन होता है। यही विविधता होली को और भी खास बनाती है।
ब्रज की लठमार होली – प्रेम और परंपरा का संगम
Barsana Nandgaon Holi के साथ ही मथुरा-वृंदावन की होली का रंग भी बिल्कुल अलग नजर आता है। यहां बांके बिहारी मंदिर में फूलों की होली खेली जाती है, जहां रंगों की जगह फूलों की पंखुड़ियां उड़ाई जाती हैं। पूरा मंदिर रंग-बिरंगे फूलों की खुशबू से महक उठता है।
भक्त भजन-कीर्तन के बीच भगवान कृष्ण को गुलाल अर्पित करते हैं। यहां की होली सिर्फ रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और आस्था का प्रतीक मानी जाती है।
पंजाब का होला मोहल्ला – वीरता का प्रदर्शन
Hola Mohalla Punjab में सिख समुदाय द्वारा मनाया जाने वाला एक विशेष उत्सव है। यह केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि साहस, शौर्य और परंपरा का प्रतीक माना जाता है। आनंदपुर साहिब में इसका भव्य आयोजन होता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं।
इस दौरान घुड़सवारी, तलवारबाजी, भाला चलाना और मार्शल आर्ट जैसे युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया जाता है। यह परंपरा गुरु गोविंद सिंह जी ने शुरू की थी, ताकि सिख योद्धा अपने साहस और कौशल का प्रदर्शन कर सकें।
पश्चिम बंगाल की डोल पूर्णिमा – संगीत और संस्कृति की छटा
Dol Jatra West Bengal में होली को डोल पूर्णिमा’ कहा जाता है। यहां राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं को सजे हुए पालने में बैठाकर शोभायात्रा निकाली जाती है। लोग अबीर और गुलाल के साथ भजन-कीर्तन करते हैं। शांत और सांस्कृतिक माहौल में मनाई जाने वाली यह होली अपनी अलग पहचान रखती है।
महाराष्ट्र की रंग पंचमी – पांच दिन बाद भी रंगों की धूम
महाराष्ट्र में होली के पांच दिन बाद ‘रंग पंचमी’ मनाई जाती है। इस दिन लोग अबीर-गुलाल से एक-दूसरे को रंगते हैं और घरों में पूरनपोली जैसे खास व्यंजन बनते हैं। यहां रंग पंचमी का उत्साह अलग ही देखने को मिलता है।
गोवा का शिग्मो – लोकनृत्य और उत्सव
गोवा में होली को ‘शिग्मो’ के नाम से जाना जाता है। यहां पारंपरिक लोकनृत्य और संगीत के साथ यह त्योहार मनाया जाता है। गांव-गांव में झांकियां निकलती हैं और लोग पारंपरिक वेशभूषा में नाचते-गाते नजर आते हैं। यह त्योहार गोवा की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है।
राजस्थान की गेर होली – परंपरा और जोश
- जयपुर, उदयपुर और बीकानेर में गेर नृत्य के साथ होली मनाई जाती है। लोग पारंपरिक कपड़े पहनकर ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते हैं। कहीं बाल्टियों से रंग डाला जाता है, तो कहीं शोभायात्राएं निकलती हैं।
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