पलवल में Jaundice-Hepatitis (पीलिया-हेपेटाइटिस) से 12 मौतें: ये 8 लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं, बचाव के लिए अपनाएं 10 उपाय
हरियाणा के पलवल जिले के छांयसा गांव से चिंताजनक खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों में Jaundice-Hepatitis के कारण 12 लोगों की मौत हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गांव में अभी करीब 29 लोग हेपेटाइटिस से संक्रमित बताए जा रहे हैं।
हरियाणा के पलवल जिले के छांयसा गांव से चिंताजनक खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों में Jaundice-Hepatitis के कारण 12 लोगों की मौत हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गांव में अभी करीब 29 लोग हेपेटाइटिस से संक्रमित बताए जा रहे हैं। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर हैं। मेडिकल टीमें घर-घर जाकर स्क्रीनिंग और सैंपलिंग कर रही हैं, वहीं पानी के स्रोतों की भी जांच की जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दूषित पानी और अस्वच्छ खानपान ऐसी बीमारियों के फैलाव का बड़ा कारण हो सकते हैं। ग्रामीण इलाकों में साफ पेयजल और स्वच्छता की कमी संक्रमण को तेजी से बढ़ा सकती है।
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ToggleJaundice क्या है और क्यों होता है?
पीलिया अपने आप में कोई बीमारी नहीं, बल्कि शरीर में चल रही किसी समस्या का संकेत है। इस स्थिति में त्वचा, आंखों का सफेद हिस्सा और नाखून पीले पड़ने लगते हैं। इसका मुख्य कारण शरीर में बिलीरुबिन नामक पीले रंग के पिगमेंट का बढ़ जाना है।
बिलीरुबिन तब बनता है जब रेड ब्लड सेल्स अपना जीवनकाल (लगभग 120 दिन) पूरा कर टूट जाती हैं। सामान्य परिस्थितियों में लिवर इस पिगमेंट को प्रोसेस कर मल के जरिए बाहर निकाल देता है। लेकिन जब लिवर ठीक से काम नहीं करता या पित्त नलिकाओं में रुकावट होती है, तो बिलीरुबिन खून में जमा होने लगता है और पीलिया के लक्षण दिखते हैं।
पीलिया के प्रमुख कारणों में लिवर संक्रमण, हेपेटाइटिस, पित्त की पथरी, ट्यूमर, अत्यधिक शराब का सेवन और कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव शामिल हैं।
Hepatitis क्या है और कैसे फैलता है?
हेपेटाइटिस लिवर में सूजन (इन्फ्लेमेशन) की स्थिति है, जो अधिकतर वायरल संक्रमण से होती है। यह मुख्य रूप से पांच प्रकार का होता है—हेपेटाइटिस A, B, C, D और E।
- हेपेटाइटिस A और E: आमतौर पर दूषित पानी और भोजन से फैलते हैं।
- हेपेटाइटिस B और C: संक्रमित खून, असुरक्षित यौन संबंध या संक्रमित सुई से फैलते हैं।
- हेपेटाइटिस D: केवल उन्हीं लोगों में होता है जो पहले से हेपेटाइटिस B से संक्रमित हों।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनियाभर में हर साल लगभग 13 लाख लोगों की मौत हेपेटाइटिस से होती है। खासकर हेपेटाइटिस B और C लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षण के रह सकते हैं, लेकिन धीरे-धीरे लिवर सिरोसिस, लिवर फेलियर या लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
पीलिया और Hepatitis में क्या संबंध है?
Jaundice एक लक्षण है, जबकि हेपेटाइटिस एक बीमारी। जब हेपेटाइटिस के कारण लिवर कमजोर हो जाता है और बिलीरुबिन को ठीक से प्रोसेस नहीं कर पाता, तो पीलिया हो सकता है। हालांकि, हर पीलिया का कारण हेपेटाइटिस नहीं होता। पित्त नली में रुकावट या खून से जुड़ी बीमारियां भी पीलिया की वजह बन सकती हैं।
लक्षणों को नजरअंदाज न करें
दोनों स्थितियों में कुछ लक्षण समान हो सकते हैं, जैसे—थकान, भूख न लगना, उल्टी, बुखार, पेट दर्द और गहरे रंग का पेशाब। अगर त्वचा और आंखें पीली दिखें, पेट में सूजन हो, लगातार बुखार बना रहे या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
जांच और इलाज
डॉक्टर आमतौर पर बिलीरुबिन टेस्ट, लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) और वायरल मार्कर टेस्ट करवाते हैं। जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड या अन्य जांच भी की जाती हैं।
इलाज Hepatitis के प्रकार पर निर्भर करता है। हेपेटाइटिस A और E अधिकतर मामलों में आराम और हल्के भोजन से ठीक हो जाते हैं। वहीं B और C में एंटीवायरल दवाएं दी जाती हैं। समय पर इलाज न होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
बचाव ही सबसे बेहतर उपाय
- साफ और उबला हुआ पानी पिएं
- हाथों की स्वच्छता बनाए रखें
- बाहर का कच्चा या संदिग्ध भोजन न खाएं
- हेपेटाइटिस A और B की वैक्सीन लगवाएं
- शराब और अनावश्यक दवाओं से बचें
विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता, स्वच्छता और समय पर जांच ही इन बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। पलवल की घटना एक चेतावनी है कि लिवर से जुड़ी बीमारियों को हल्के में न लें और शुरुआती लक्षण दिखते ही चिकित्सकीय सलाह जरूर लें।
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