Arshdeep-Mitchell controversy: अर्शदीप के बचाव में उतरे कोच गौतम गंभीर
गेंदबाज अर्शदीप सिंह और न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डेरिल मिचेल के बीच हुआ विवाद भी सुर्खियों में आ गया।
Arshdeep-Mitchell controversy: टी20 विश्वकप 2026 का फाइनल मुकाबला कई कारणों से चर्चा में रहा। मैच के रोमांच के साथ-साथ भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डेरिल मिचेल के बीच हुआ विवाद भी सुर्खियों में आ गया। अब इस पूरे मामले पर भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। गंभीर ने अर्शदीप का बचाव करते हुए कहा कि मैदान पर खिलाड़ियों का आक्रामक रवैया खेल का हिस्सा होता है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
आईसीसी ने इस घटना को लेकर अर्शदीप सिंह पर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया है और उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया है। इसके बावजूद भारतीय टीम के हेड कोच ने साफ कहा कि खिलाड़ियों को अपने देश के लिए खेलते समय जुनून और आक्रामकता दिखानी चाहिए।
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यह घटना न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर के दौरान हुई। उस समय भारतीय टीम दबाव बनाने की कोशिश कर रही थी और अर्शदीप सिंह गेंदबाजी कर रहे थे।
ओवर की पांचवीं गेंद पर अर्शदीप ने ऑफ स्टंप के बाहर एक वाइड यॉर्कर फेंकी। डेरिल मिचेल ने इस गेंद को डिफेंस करते हुए पिच की ओर खेल दिया। गेंद वापस अर्शदीप की तरफ आई, जिसके बाद उन्होंने विकेट की ओर थ्रो मारने की कोशिश की।
हालांकि यह थ्रो सीधे विकेट की बजाय मिचेल की जांघ पर जा लगा। गेंद लगते ही मिचेल नाराज हो गए और उन्होंने आक्रामक अंदाज में अर्शदीप की ओर इशारे करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। कुछ देर के लिए मैदान पर तनाव का माहौल बन गया।
सूर्यकुमार यादव और अंपायर ने संभाली स्थिति
मामला बढ़ता देख भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव बीच में आए और उन्होंने डेरिल मिचेल को शांत करने की कोशिश की। सूर्यकुमार ने उनके कंधे पर हाथ रखकर बातचीत की और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
वहीं मैदान पर मौजूद अंपायरों ने भी अर्शदीप सिंह से बात की। कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना था कि वह थ्रो जरूरी नहीं था, इसलिए उस पर सवाल उठे और मैदान पर हल्की बहस देखने को मिली।
हालांकि कुछ ही देर में मामला शांत हो गया और मैच आगे बढ़ा।
आईसीसी ने लगाई सजा
Arshdeep-Mitchell controversy के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अर्शदीप सिंह को आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया। उन पर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया।
आईसीसी ने बताया कि अर्शदीप ने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए बने कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.9 का उल्लंघन किया है। यह नियम मैच के दौरान किसी खिलाड़ी की ओर खतरनाक या अनुचित तरीके से गेंद या अन्य क्रिकेट उपकरण फेंकने से संबंधित है।
जुर्माने के अलावा अर्शदीप के रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ा गया है। यह उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में दर्ज रहेगा।
अर्शदीप ने मैच के बाद मांगी थी माफी
मैच खत्म होने के बाद अर्शदीप सिंह ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि यह जानबूझकर नहीं हुआ था और गेंद रिवर्स स्विंग होने की वजह से ऐसा हो गया।
अर्शदीप ने बताया कि जैसे ही उन्हें एहसास हुआ कि गेंद मिचेल को लग गई है, वह तुरंत उनके पास गए और माफी भी मांगी।
उनके मुताबिक, मैदान पर सब कुछ बहुत तेजी से होता है और कई बार ऐसी घटनाएं अनजाने में हो जाती हैं।
गौतम गंभीर ने दिया बड़ा बयान
अबArshdeep-Mitchell controversy पर भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने एएनआई को दिए इंटरव्यू में खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं तो उनके अंदर आक्रामकता होना स्वाभाविक है।
गंभीर ने कहा, “अगर कोई गेंदबाज बल्लेबाज की ओर थ्रो करता है तो इसमें गलत क्या है। किसी भी गेंदबाज को दो छक्के खाना पसंद नहीं होता। मैं चाहता हूं कि मेरे खिलाड़ी मैदान पर इसी तरह का जुनून दिखाएं।”
उन्होंने यह भी कहा कि अगर अर्शदीप मिचेल से माफी नहीं भी मांगते तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं होती।
“क्रिकेट के मैदान पर कोई दोस्त नहीं”
गंभीर ने आगे कहा कि क्रिकेट के मैदान पर भावनाएं स्वाभाविक हैं और खिलाड़ियों का ध्यान सिर्फ अपने देश के लिए मैच जीतने पर होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “क्रिकेट के मैदान पर न कोई दोस्त होता है और न दुश्मन। आपका लक्ष्य सिर्फ अपने देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करना और टीम को जीत दिलाना होता है।”
गंभीर के मुताबिक, पहले भी क्रिकेट में ऐसी घटनाएं होती रही हैं, लेकिन अब सोशल मीडिया के दौर में छोटी-छोटी चीजें भी ज्यादा चर्चा का विषय बन जाती हैं।
क्रिकेट में पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद
क्रिकेट इतिहास में मैदान पर खिलाड़ियों के बीच टकराव की घटनाएं नई नहीं हैं। कई बार प्रतिस्पर्धा के दौरान खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस या टकराव देखने को मिलता है। हालांकि ज्यादातर मामलों में खिलाड़ी मैच खत्म होने के बाद एक-दूसरे से हाथ मिलाकर विवाद खत्म कर देते हैं।
टी20 विश्वकप 2026 के फाइनल में हुई यह घटना भी उसी तरह का एक पल माना जा रहा है, जिसने मैच के रोमांच के साथ थोड़ी गर्माहट भी जोड़ दी।
