सबको पता है आप नंगे हो… फिर कपड़े उतारने की जरूरत क्यों पड़ी?” AI Summit Protest पर सियासी तूफान
AI Summit Protest : दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान हुआ विरोध-प्रदर्शन अब कानूनी और राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। पटियाला हाउस कोर्ट ने इस घटना को “सार्वजनिक व्यवस्था पर खुला हमला” बताया है। अदालत ने प्रदर्शन के तरीके को अनुचित ठहराते हुए कहा कि इससे देश की कूटनीतिक छवि को नुकसान पहुंचा है।
यह मामला तब सामने आया जब समिट के दौरान युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता शर्ट उतारकर विरोध करने लगे। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों के साथ कथित हाथापाई की भी बात सामने आई। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
क्या हुआ था समिट में?
20 फरवरी को भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में दुनिया के 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। यह एक हाई-सिक्योरिटी जोन था, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
इसी दौरान 15-20 युवा कांग्रेस कार्यकर्ता हाथ में सफेद टी-शर्ट लेकर मंच के पास पहुंचे और विरोध करने लगे। टी-शर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीरें छपी थीं, साथ ही “PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड” लिखा हुआ था। कुछ कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर नारेबाजी की। पुलिस के अनुसार, यह विरोध पहले से सोची-समझी योजना का हिस्सा था।
अदालत की सख्त टिप्पणी
पटियाला हाउस कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि ने कहा कि विरोध का यह तरीका असहमति की सीमाओं से बाहर है। अदालत ने टिप्पणी की कि इस तरह का प्रदर्शन न केवल कार्यक्रम की गरिमा को प्रभावित करता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को भी नुकसान पहुंचाता है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपित अलग-अलग राज्यों से आए हैं और उनके फरार होने की आशंका है। प्रारंभिक जांच में बाहरी साजिश के संकेत मिलने की बात भी अदालत ने रिकॉर्ड पर ली। इसी आधार पर पांच आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। उन्हें 25 फरवरी को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
और गिरफ्तारियां
दिल्ली पुलिस ने बाद में दो और नेताओं को ग्वालियर से गिरफ्तार किया। इससे पहले एक अन्य नेता को भी हिरासत में लिया गया था। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और डिजिटल सबूतों के आधार पर पहचान कर कार्रवाई की गई है।
हालांकि, एक आरोपी के पिता ने आरोप लगाया कि उनके घर में देर रात पुलिस जबरन घुसी और उनके बेटे के साथ दुर्व्यवहार किया। पुलिस ने इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
प्रधानमंत्री का बयान
Youth Congress Protest Delhi को लेकर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने एआई ग्लोबल समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन पर तीखी टिप्पणी की। मेरठ में एक जनसभा के दौरान उन्होंने कहा, “देश तो जानता है आप पहले से ही नंगे हो, फिर कपड़े उतारने की जरूरत क्या पड़ी?” साथ ही उन्होंने कांग्रेस को “वैचारिक रूप से दिवालिया” बताते हुए विदेशी मेहमानों के सामने गंदी राजनीति करने का आरोप लगाया।
मुख्य संदर्भ यह था कि एआई समिट जैसे वैश्विक आयोजन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने शर्टलेस विरोध प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि इस तरह के प्रदर्शन से देश की छवि को नुकसान पहुंचता है और भारत के वैश्विक मंच को बदनाम करने की कोशिश की गई। उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपनी राजनीति के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।
यह बयान उस समय आया जब प्रधानमंत्री मेरठ में विकास कार्यों से जुड़े कार्यक्रम में शामिल थे। उन्होंने दोहराया कि एआई समिट पूरे देश का कार्यक्रम था, किसी एक दल का नहीं। उनके बयान के बाद यह मुद्दा और गरमा गया है, और राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
https://x.com/BJP4India/status/2025484722584125594?s=20
कानूनी धाराएं और जांच
पुलिस ने आरोपियों पर बीएनएस की धारा 121 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने और आपराधिक साजिश के आरोप शामिल हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों की कड़ी जांच जरूरी है क्योंकि यह राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ा विषय है।
राजनीतिक बहस तेज
इस घटना ने राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया है। एक पक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अनुशासनहीनता और देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कदम मान रहा है।
फिलहाल मामला अदालत में है और जांच जारी है। आने वाले दिनों में पुलिस रिमांड और पूछताछ से कई और तथ्य सामने आ सकते हैं।
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