BJP First List Assam: Himanta 7वीं बार मैदान में, Congress छोड़कर आए नेताओं को तुरंत टिकट
BJP First List Assam: असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अब तेज हो चुकी है। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है, जिसमें कुल 88 नाम शामिल हैं। इस लिस्ट में सबसे बड़ा नाम मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा का है, जो एक बार फिर अपनी पारंपरिक सीट जालुकबारी से चुनाव लड़ेंगे। खास बात ये है कि वे इस सीट से सातवीं बार मैदान में उतर रहे हैं, जो उनके मजबूत जनाधार को दिखाता है।
इस लिस्ट का एक और बड़ा सरप्राइज है—कांग्रेस से हाल ही में BJP में शामिल हुए सांसद प्रद्युत बोरदोलोई को टिकट मिलना। पार्टी ने उन्हें दिसपुर सीट से उम्मीदवार बनाया है। बोरदोलोई ने BJP जॉइन करने के एक दिन बाद ही टिकट हासिल कर लिया, जिससे साफ है कि पार्टी उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देना चाहती है।
BJP की रणनीति साफ—नए चेहरों और अनुभव का संतुलन
BJP ने इस बार अपनी रणनीति में पुराने और नए चेहरों का अच्छा संतुलन रखा है। जहां एक ओर हिमंता जैसे अनुभवी नेता मैदान में हैं, वहीं दूसरी ओर हाल ही में पार्टी में आए नेताओं को भी मौका दिया गया है। उदाहरण के तौर पर, 25 दिन पहले BJP में शामिल हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा को भी टिकट दिया गया है।
इससे साफ है कि पार्टी चुनाव में जीत के लिए हर संभव समीकरण बैठाने में लगी है। नए नेताओं को शामिल कर BJP विपक्ष की ताकत को कमजोर करने की कोशिश भी कर रही है।
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सीटों का गणित—गठबंधन के साथ चुनाव
असम में कुल 126 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से BJP 89 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि बाकी 37 सीटें उसके सहयोगी दलों को दी गई हैं। असम गण परिषद (AGP) को 26 सीटें और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) को 11 सीटें मिली हैं।
यह गठबंधन BJP के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ना राज्य में जीत की संभावना को मजबूत करता है।
बोरदोलोई का बयान—रोजगार और विकास पर फोकस
दिसपुर से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य असम में रोजगार बढ़ाना और लोगों का जीवन स्तर सुधारना होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा को एक सक्षम और मेहनती नेता बताते हुए कहा कि वे उनके साथ मिलकर पूरे पूर्वोत्तर के विकास के लिए काम करेंगे।
बोरदोलोई का यह बयान साफ करता है कि BJP इस बार विकास और रोजगार जैसे मुद्दों को चुनावी एजेंडा बना रही है।
कांग्रेस को झटका—लगातार हो रही टूट
बोरदोलोई के BJP में शामिल होने से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने पार्टी छोड़ते हुए कहा था कि उन्हें लगातार अपमानित किया जा रहा था। वहीं, उनके बेटे प्रतीक बोरदोलोई ने भी कांग्रेस से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है।
यह घटनाक्रम दिखाता है कि चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के अंदर असंतोष बढ़ रहा है, जिसका फायदा BJP उठाने की कोशिश कर रही है।
केरल और अन्य राज्यों में भी हलचल
सिर्फ असम ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों में भी चुनावी माहौल गर्म है। केरल में BJP ने अपनी दूसरी लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें 39 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। अब तक पार्टी वहां 86 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है।
वहीं कांग्रेस नेता शशि थरूर ने साफ कर दिया है कि वे मुख्यमंत्री पद के दावेदार नहीं हैं और चुनाव भी नहीं लड़ेंगे। उनका कहना है कि उनका काम सिर्फ प्रचार करना है।
चुनाव आयोग का बड़ा दावा
चुनाव आयोग ने इस बार के विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा दावा किया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि यह चुनाव आजाद भारत के सबसे पारदर्शी चुनाव होंगे। आयोग ने साफ किया है कि हिंसा, धमकी या वोटरों को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश पर जीरो टॉलरेंस रहेगा।
निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए 1,111 केंद्रीय ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं और कई राज्यों में अधिकारियों के तबादले भी किए गए हैं।
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