
18th Day of Iran War: अमेरिका-इज़राइल हमलों के 18वें दिन की स्थिति देख कर नहीं लगता कि युद्ध जल्दी खत्म होगा
ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमले लगातार तेज़ होते जा रहे हैं। 18वें दिन भी कई शहरों में बमबारी और मिसाइल हमलों की खबरें आईं। इस संघर्ष ने न केवल ईरान बल्कि पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में ले लिया है। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं।
ईरान में हालात
तेहरान, करज, शहरियार और शिराज़ जैसे शहरों में बड़े धमाके हुए। उत्तरी तेहरान के सादाबाद पैलेस परिसर के पास भी विस्फोट दर्ज किए गए। अराक शहर में एक घर पर हुए हमले में तीन दिन के शिशु और उसकी दो वर्षीय बहन समेत परिवार के कई सदस्य मारे गए। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा कि ईरान ने युद्ध शुरू नहीं किया, लेकिन आत्मरक्षा का अधिकार उसका है।
स्कूल पर हमला
एमनेस्टी इंटरनेशनल की जांच में सामने आया कि मिनाब शहर के एक प्राथमिक विद्यालय पर अमेरिकी हमले में कम से कम 170 लोग मारे गए, जिनमें 160 से अधिक छात्राएँ थीं। यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरी चिंता का विषय बन गई है।
हताहतों की संख्या
28 फरवरी से अब तक अमेरिका-इज़राइल हमलों में 1,444 लोग मारे गए और 18,551 घायल हुए हैं।
खाड़ी देशों पर असर
यूएई: फुजैरा के तेल क्षेत्र में ड्रोन हमले के बाद आग लगी। अबू धाबी में मिसाइल के टुकड़े गिरने से एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हुई। यूएई ने अस्थायी रूप से अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया।
क़तर: रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 14 में से 13 बैलिस्टिक मिसाइलें रोकी गईं। औद्योगिक क्षेत्र में मिसाइल के टुकड़े गिरने से आग लगी।
कुवैत: सुरक्षा बलों ने एक ड्रोन गिराया और हिज़्बुल्लाह से जुड़े 16 लोगों को गिरफ्तार किया।
बहरीन: अब तक 129 मिसाइल और 221 ड्रोन को निष्क्रिय किया गया।
सऊदी अरब: पूर्वी क्षेत्र में 12 ड्रोन को रोका गया।
इज़राइल में घटनाएँ
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरानियों को नवरोज़ की शुभकामनाएँ दीं। वहीं हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इज़राइल के नहेरिया शहर पर हमला किया। यरुशलम के पवित्र स्थलों पर मिसाइल और इंटरसेप्टर के टुकड़े मिले। इज़राइल ने लेबनान में सीमित जमीनी अभियान शुरू किया है और कहा है कि विस्थापित लेबनानी नागरिक तब तक वापस नहीं लौट सकते जब तक उत्तरी इज़राइल सुरक्षित नहीं हो जाता।
अमेरिका की भूमिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन और फ्रांस पर दबाव डाला कि वे होरमुज़ जलडमरूमध्य में जहाज़रानी सुरक्षित करने में मदद करें। यूरोपीय देशों ने इस युद्ध में शामिल होने से इंकार कर दिया। ट्रंप ने ईरान को “पेपर टाइगर” कहा और अपनी चीन यात्रा स्थगित कर दी। उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने ट्रंप के कदमों का समर्थन किया।
लेबनान में स्थिति
इज़राइल ने लेबनान में सीमित जमीनी अभियान शुरू किया है। हिज़्बुल्लाह ने इज़राइली सैनिकों और वाहनों पर हमले किए। अरब अल-जाल गाँव के लोगों को इज़राइली सेना ने खाली करने का आदेश दिया। अब तक एक मिलियन से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। जर्मनी ने इज़राइल के जमीनी अभियान को “त्रुटि” बताया।
इराक में घटनाएँ
बगदाद के जद्रिया इलाके में हवाई हमले में चार लोग मारे गए। ग्रीन ज़ोन में एक होटल पर ड्रोन हमले से आग लगी। अमेरिकी दूतावास पर रॉकेट हमले को रोक दिया गया। इराकी सशस्त्र संगठन काताइब हिज़्बुल्लाह के वरिष्ठ कमांडर अबू अली अल-अस्करी मारे गए। इराकी सरकार ने इन हमलों को आतंकवादी करार दिया।
वैश्विक आर्थिक असर
इस युद्ध ने वैश्विक वित्तीय और ऊर्जा बाजारों को हिला दिया है। कच्चे तेल की कीमतें 50% तक बढ़ गई हैं और ब्रेंट क्रूड $106 प्रति बैरल तक पहुँच गया है। जापान ने अपने रणनीतिक तेल भंडार जारी करने की घोषणा की है।
अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच यह युद्ध केवल क्षेत्रीय संघर्ष नहीं रहा, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। ऊर्जा संकट, विस्थापन और मानवीय त्रासदी ने इसे 21वीं सदी के सबसे गंभीर संकटों में से एक बना दिया है। आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं, जिससे वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा।
ये भी पढ़ें : LPG Supply: होर्मुज से भारत लौटा ‘नंदा देवी’, जानें सिलिंडर आपके घर तक कैसे पहुंचता है







