
LPG Supply: भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक और बड़ा कदम सामने आया है। जामनगर के वडीनार पोर्ट पर मंगलवार सुबह एमटी नंदा देवी जहाज पहुंचा, जो करीब 46,500 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आया है। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने बताया कि जहाज सुबह लगभग 2:30 बजे सुरक्षित रूप से एंकरिज क्षेत्र में पहुंचा।
शिप-टू-शिप ट्रांसफर
इस कार्गो का ट्रांसफर गहरे समुद्र में शिप-टू-शिप (STS) प्रक्रिया से किया जाएगा। एलपीजी को एमटी BW Birch जहाज में स्थानांतरित किया जाएगा। चेयरमैन ने जहाज के कैप्टन और क्रू का आभार जताते हुए भरोसा दिलाया कि प्रक्रिया सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरी होगी।
दूसरा बड़ा जहाज
एमटी नंदा देवी हाल के दिनों में दूसरा जहाज है जिसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर भारत का रुख किया है। इससे पहले शिवालिक करीब 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था। अधिकारियों के अनुसार, उसका कुछ हिस्सा मुंद्रा में उतारा जाएगा और बाकी मैंगलोर भेजा जाएगा। मौजूदा हालात में इन जहाजों की सुरक्षित आवाजाही भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है।
गैस सिलिंडर का सफर: प्लांट से आपके घर तक
गैस सिलिंडर आपके किचन तक पहुँचने से पहले कई चरणों से गुजरता है।
- बॉटलिंग प्लांट में भराई सबसे पहले, ऑटोमैटिक मशीनों से सिलिंडर में गैस भरी जाती है।
- सुरक्षा जांच और सीलिंग गैस भरने के बाद सिलिंडर की जाँच होती है और उस पर सुरक्षा कैप या सील लगाई जाती है।
- वितरक तक पहुँचाना भरे हुए सिलिंडर ट्रकों से स्थानीय एजेंसी (डिस्ट्रिब्यूटर) तक भेजे जाते हैं।
- ग्राहक बुकिंग ग्राहक IVRS, SMS, वेबसाइट या ऐप (जैसे Indane) से सिलिंडर बुक करते हैं।
- घर तक डिलीवरी बुकिंग के बाद डिलीवरी मैन सिलिंडर आपके दरवाजे तक लाता है। कई बार OTP से पुष्टि भी की जाती है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- डिलीवरी बॉय को सीलबंद सिलिंडर सीधे आपके घर तक पहुँचाना चाहिए।
- अगर सिलिंडर खराब हालत में हो तो उसे लेने से बचना चाहिए।






