Cyber Crime Alert: “आपका नंबर बंद हो जाएगा…” कॉल आते ही लोग हो रहे शिकार, जानिए ठगी का नया तरीका
Cyber Crime Alert: आज के डिजिटल दौर में साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए हर दिन नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब ठगों ने लोगों को डराकर पैसे और निजी जानकारी लूटने का एक नया खेल शुरू कर दिया है। हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में इन दिनों लोगों को ऐसे फोन कॉल आ रहे हैं, जिनमें खुद को ट्राई (TRAI) या टेलीकॉम कंपनी का अधिकारी बताकर कहा जाता है कि उनके मोबाइल नंबर से “अश्लील मैसेज” भेजे गए हैं और जल्द ही उनका नंबर बंद कर दिया जाएगा।
सिर्फ इतना ही नहीं, लोगों को यह भी कहा जा रहा है कि उनके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। अचानक इस तरह की बातें सुनकर लोग घबरा जाते हैं और यही डर साइबर ठगों का सबसे बड़ा हथियार बन रहा है।
कैसे खेला जा रहा है ठगी का यह नया गेम?
साइबर अपराधी बेहद प्रोफेशनल तरीके से लोगों को निशाना बना रहे हैं। कॉल करने वाला व्यक्ति खुद को ट्राई अधिकारी या मोबाइल कंपनी का कर्मचारी बताता है। फिर वह कहता है कि उपभोक्ता के नंबर से गलत गतिविधियां हुई हैं, जिसके कारण नंबर ब्लॉक किया जाएगा।
इसके बाद लोगों को डराकर कहा जाता है कि अगर वे अपना नंबर चालू रखना चाहते हैं तो तुरंत “सिम अपडेट” या “4G से 5G अपग्रेड” करना होगा। इसके लिए ठग मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड करवाते हैं या फोन को बंद करके दोबारा चालू करने को कहते हैं।
असल में यही वह जाल होता है, जहां से साइबर अपराधी मोबाइल और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बना लेते हैं। कई मामलों में लोगों के बैंक खातों से पैसे भी गायब हो चुके हैं।
डर और घबराहट बना सबसे बड़ा हथियार
साइबर ठग जानते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को अचानक यह कहा जाए कि उसका नंबर बंद होने वाला है या उसके खिलाफ पुलिस केस हो गया है, तो वह घबरा जाएगा। इसी मानसिक दबाव का फायदा उठाकर ठग लोगों से OTP, बैंक डिटेल्स और निजी जानकारी हासिल कर लेते हैं।
मंडी के व्यवसायी जोगिंदर सिंह के साथ भी ऐसा ही हुआ। उन्हें एक कॉल आई जिसमें कहा गया कि उनके नंबर से अश्लील संदेश भेजे गए हैं। हालांकि, जागरूक होने के कारण उन्होंने कोई जानकारी साझा नहीं की और ठगी का शिकार होने से बच गए।
TRAI ने क्या कहा?
साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए ट्राई ने साफ किया है कि वह किसी भी उपभोक्ता को कॉल करके नंबर बंद करने की चेतावनी नहीं देती। यानी अगर आपके पास इस तरह का कोई कॉल आता है, तो समझ जाइए कि वह फर्जी हो सकता है।
ट्राई या कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर आपकी बैंक डिटेल्स, OTP या निजी जानकारी नहीं मांगती। इसलिए ऐसे कॉल से तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए।
पुलिस ने लोगों को क्या सलाह दी?
हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने लोगों से अपील की है कि ऐसे कॉल और मैसेज से डरें नहीं। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग या निजी जानकारी साझा करना खतरनाक हो सकता है।
अगर किसी को इस तरह की कॉल आती है या साइबर ठगी का शक होता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। इसके अलावा नजदीकी साइबर सेल में भी रिपोर्ट की जा सकती है।
खुद को ऐसे रखें सुरक्षित
- किसी अनजान कॉल पर तुरंत भरोसा न करें
- फोन पर बैंक डिटेल्स या OTP बिल्कुल साझा न करें
- किसी के कहने पर ऐप डाउनलोड न करें
- “नंबर बंद होगा” जैसे डराने वाले कॉल से सतर्क रहें
- मोबाइल में मजबूत पासवर्ड और सुरक्षा फीचर्स का इस्तेमाल करें
क्यों बढ़ रहे हैं साइबर अपराध?
आज लगभग हर व्यक्ति मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल कर रहा है। यही वजह है कि साइबर अपराधियों को लोगों तक पहुंचना आसान हो गया है। कई लोग तकनीकी जानकारी कम होने के कारण जल्दी डर जाते हैं और ठगी का शिकार बन जाते हैं।
साइबर अपराधी अब सिर्फ लिंक भेजकर नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर लोगों को फंसा रहे हैं। यही कारण है कि जागरूकता ही इस तरह की ठगी से बचने का सबसे बड़ा हथियार बन चुकी है।
इसलिए अगली बार अगर कोई कॉल करके कहे कि “आपका नंबर बंद हो जाएगा”, तो घबराने की बजाय सतर्क हो जाइए, क्योंकि एक छोटी सी गलती आपकी मेहनत की कमाई को खतरे में डाल सकती है।
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