Kidnap Horror: Gurgaon से Kidnap हुए बच्चे, Bareilly Accident ने खोला राज—3 Kidnappers की मौत
Kidnap Horror: गुरुग्राम से शुरू हुई एक खौफनाक किडनैपिंग की कहानी का अंत बरेली के एक भीषण सड़क हादसे के साथ हुआ। इस घटना में जहां तीन किडनैपरों की मौत हो गई, वहीं दो मासूम बच्चों की जान तो बच गई, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हैं। इस पूरे मामले ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
कैसे शुरू हुई पूरी वारदात?
गुरुग्राम के डीएलएफ फेस-1 इलाके में रहने वाले ऑटो ड्राइवर मनोज अपने दो छोटे बच्चों—6 साल के मयूर और 3 साल के लक्ष्य—के साथ शनिवार को घर से निकले थे। वे रोज की तरह सवारी छोड़ने हनुमान मंदिर के पास पहुंचे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह दिन उनकी जिंदगी बदल देगा।
यहीं से कुछ बदमाशों ने मनोज और उसके दोनों बच्चों का अपहरण कर लिया। अपहरणकर्ताओं ने मनोज की पत्नी पूजा को फोन कर धमकी दी कि अगर पुलिस को बताया तो पूरे परिवार को खत्म कर देंगे।
अपने ही गांव का निकला मास्टरमाइंड
जांच में जो बात सामने आई, उसने सभी को हैरान कर दिया। इस किडनैपिंग का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मनोज के ही गांव का रहने वाला मनमोहन निकला।
मनमोहन कुछ महीने पहले ही गुरुग्राम आया था और मनोज से उसकी पहचान भी थी। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया।
फिरौती के लिए बनाया गया प्लान
पुलिस के अनुसार, इस अपहरण के पीछे मकसद मोटी फिरौती वसूलना था। बदमाशों ने पहले मनोज और बच्चों को बरेली के पास अपने गांव ले गए। वहां मनोज को बंधक बनाकर रखा गया और बच्चों को वापस गुरुग्राम ले जाकर सौदेबाजी करने की योजना बनाई गई।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
बरेली में हुआ भीषण हादसा
रविवार दोपहर करीब 3 बजे, जब बदमाश बच्चों को लेकर गुरुग्राम की ओर जा रहे थे, तभी बरेली के सीबीगंज इलाके में उनकी बोलेरो गाड़ी हाईवे किनारे खड़े एक टैंकर से जा टकराई।
टक्कर इतनी भयानक थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। उसी समय पीछे से आ रही एक बाइक भी बोलेरो से टकरा गई। इस हादसे में कुल 5 लोगों की मौत हो गई—तीन किडनैपर और दो बाइक सवार।
हादसे ने खोला पूरा राज
हादसे के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो गाड़ी के अंदर दो छोटे बच्चे बेहोश हालत में मिले। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। होश में आने पर बच्चों ने अपने परिवार का नंबर बताया। पुलिस ने जब उनकी मां से संपर्क किया, तब जाकर इस पूरी किडनैपिंग की साजिश का खुलासा हुआ।
इसके बाद बरेली पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस को सूचना दी और दोनों ने मिलकर जांच शुरू की।
पिता को भी सकुशल बचाया गया
घायल किडनैपर प्रिंस से पूछताछ के बाद पुलिस ने बरेली के फरीदपुर इलाके से मनोज को भी सुरक्षित बरामद कर लिया। इस तरह एक बड़ी वारदात समय रहते खुल गई और पूरा परिवार फिर से मिल पाया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे में जहां एक तरफ मासूम बच्चों की जान बच गई, वहीं दूसरी तरफ कई परिवारों के घरों में मातम छा गया।
बताया जा रहा है कि आरोपी मनमोहन ने कुछ ही दिन पहले नई बोलेरो खरीदी थी और उसकी शादी भी तय थी। लेकिन एक गलत कदम ने उसकी जिंदगी खत्म कर दी।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि इस किडनैपिंग में और कौन-कौन शामिल था। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या यह कोई बड़ा गिरोह है।
क्या सीख मिलती है?
यह घटना एक बड़ा सबक भी देती है— कभी भी किसी पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए, चाहे वह कितना ही करीबी क्यों न हो।
निष्कर्ष
गुरुग्राम से बरेली तक फैली इस कहानी में डर, धोखा और हादसा—तीनों शामिल हैं। जहां एक तरफ अपराध की साजिश थी, वहीं दूसरी तरफ एक हादसे ने उसे बेनकाब कर दिया।
सबसे राहत की बात यही है कि दो मासूम बच्चों की जान बच गई—वरना यह कहानी और भी ज्यादा दर्दनाक हो सकती थी।
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