Mayawati Meeting ₹5 Lakh, BSP Ticket ₹3.35 Crore Claim पर बोली BSP Chief
Mayawati Meeting ₹5 Lakh: बसपा प्रमुख Mayawati से मुलाकात के लिए 5 लाख रुपये और चुनावी टिकट के लिए 3.35 करोड़ रुपये लेने के दावों पर सियासी हलचल तेज हो गई है। अब इन आरोपों पर खुद मायावती ने प्रतिक्रिया देते हुए अपनी बात रखी है। जानिए क्या कहा BSP चीफ ने।
Mayawati से मुलाकात के 5 लाख और बसपा टिकट के 3.35 करोड़ के दावों पर क्या बोलीं BSP प्रमुख?
बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह है सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में किए जा रहे वे दावे, जिनमें कहा गया कि मायावती से मुलाकात के लिए 5 लाख रुपये और चुनावी टिकट के लिए 3.35 करोड़ रुपये तक की मांग की जाती है। इन आरोपों के सामने आने के बाद खुद मायावती ने प्रतिक्रिया दी है और इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
Mayawati से मुलाकात के 5 लाख रुपये लेने के दावे
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट वायरल हुईं, जिनमें आरोप लगाया गया कि बसपा सुप्रीमो मायावती से मिलने के लिए लोगों से लाखों रुपये लिए जाते हैं। दावा किया गया कि उनसे मुलाकात के लिए 5 लाख रुपये तक की रकम तय होती है।
इन दावों के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई। विपक्षी दलों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इस मुद्दे को लेकर बहस देखने को मिली। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया।
बसपा टिकट के लिए 3.35 करोड़ रुपये लेने का आरोप
मायावती से मुलाकात के आरोपों के साथ-साथ यह दावा भी किया गया कि बसपा से चुनाव लड़ने के लिए टिकट पाने के बदले 3.35 करोड़ रुपये तक की रकम ली जाती है। यह आरोप भी सोशल मीडिया और कुछ राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बना रहा।
बसपा की ओर से पहले भी कई बार कहा गया है कि पार्टी में टिकट उम्मीदवार की सामाजिक पकड़, संगठनात्मक क्षमता और जीत की संभावनाओं को देखते हुए दिया जाता है। पार्टी ने हमेशा टिकट बेचने के आरोपों को निराधार बताया है।
Mayawati का बयान आया सामने
इन सभी दावों के बीच बसपा प्रमुख मायावती ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह झूठे, भ्रामक और राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं। मायावती ने कहा कि कुछ लोग और विरोधी दल बसपा की छवि खराब करने के लिए इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं।
उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों और दावों पर भरोसा न करें। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी का संगठन तरीके से काम करता है और किसी भी प्रकार के आर्थिक लेन-देन के आधार पर फैसले नहीं लिए जाते।
BSP ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
बसपा के नेताओं ने भी इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी के खिलाफ लगातार दुष्प्रचार किया जा रहा है। उनका कहना है कि चुनावी माहौल बनने के साथ ही इस तरह के आरोप अक्सर सामने आते हैं, जिनका मकसद राजनीतिक लाभ हासिल करना होता है।
पार्टी नेताओं के अनुसार, बसपा अपने संगठन और अनुशासन के लिए जानी जाती है और टिकट वितरण की प्रक्रिया भी तय मानकों के आधार पर होती है। ऐसे में करोड़ों रुपये लेकर टिकट देने के आरोप तथ्यों से परे हैं।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी चर्चा
मायावती से मुलाकात के 5 लाख रुपये और बसपा टिकट के लिए 3.35 करोड़ रुपये लेने के दावों ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। जहां विपक्ष इन आरोपों को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं बसपा इन्हें सिरे से खारिज कर रही है।
फिलहाल इन आरोपों को लेकर कोई आधिकारिक जांच या प्रमाण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। ऐसे में यह मामला आरोप और प्रत्यारोप तक ही सीमित नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज हो सकती हैं, लेकिन फिलहाल मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप झूठे और निराधार हैं।
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