
यमुना नदी की सफाई अभियान शुरू: दिल्ली LG वी.के. सक्सेना ने चार स्तरीय रणनीति का किया ऐलान
वर्षों के इंतजार के बाद आखिरकार यमुना नदी की सफाई का कार्य रविवार को शुरू हो गया। दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) वी.के. सक्सेना ने इस महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत करते हुए चार स्तरीय रणनीति का ऐलान किया। इस सफाई अभियान के तहत यमुना को अगले तीन वर्षों में पूरी तरह से साफ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
दिल्ली LG के कार्यालय के मुताबिक, इस योजना के तहत ट्रैश स्किमर, वीड हार्वेस्टर और ड्रेज यूटिलिटी क्राफ्ट जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को उन औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं जो बिना शोधन के गंदा पानी नालों में बहाती हैं।
चार स्तरीय रणनीति से होगी यमुना की सफाई
दिल्ली के उपराज्यपाल कार्यालय ने एक बयान में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे के तहत यमुना की सफाई कार्य योजना को पूरी गति के साथ शुरू कर दिया गया है।
As promised by the Hon’ble Prime Minister @narendramodi in the run up to the just concluded Assembly Elections, works on cleaning of Yamuna have already begun in the right earnest, with trash skimmers, weed harvesters & a dredge utility craft already starting cleaning operations… pic.twitter.com/KtDy7riIPn
— Raj Niwas Delhi 🇮🇳 (@RajNiwasDelhi) February 16, 2025
LG कार्यालय ने ट्वीट कर इस चार स्तरीय रणनीति की जानकारी दी:
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यमुना नदी से कचरा, सिल्ट और अन्य अपशिष्ट हटाना:
- सबसे पहले यमुना में मौजूद कचरा, गाद (सिल्ट) और अन्य ठोस अपशिष्ट को हटाया जाएगा। इसके लिए आधुनिक ट्रैश स्किमर और वीड हार्वेस्टर जैसी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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मुख्य नालों की सफाई शुरू करना:
- यमुना में गिरने वाले प्रमुख नालों की सफाई की जाएगी, जिसमें नजफगढ़ ड्रेन और सप्लीमेंट्री ड्रेन सहित अन्य सभी बड़े नाले शामिल हैं।
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मौजूदा एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की क्षमता और आउटपुट की निगरानी:
- सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की क्षमता और उनके आउटपुट की दैनिक निगरानी की जाएगी, ताकि यमुना में अनुपचारित गंदा पानी न जाए।
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नए एसटीपी/डीएसटीपी निर्माण की योजना:
- यमुना में गिरने वाले लगभग 400 MGD (मिलियन गैलन प्रति दिन) गंदे पानी को ट्रीट करने के लिए नए एसटीपी/डीएसटीपी का निर्माण तय समय में पूरा किया जाएगा।
यमुना की सफाई में विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी
इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन के लिए कई विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय की आवश्यकता होगी। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित एजेंसियां शामिल हैं:
- दिल्ली जल बोर्ड (DJB)
- सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (I&FC)
- दिल्ली नगर निगम (MCD)
- पर्यावरण विभाग
- लोक निर्माण विभाग (PWD)
- दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA)
LG कार्यालय ने कहा कि यमुना सफाई अभियान की प्रगति की साप्ताहिक उच्च स्तरीय समीक्षा की जाएगी ताकि इस योजना को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जा सके।
यमुना सफाई अभियान की शुरुआत कब हुई?
दिल्ली में यमुना नदी का कायाकल्प (rejuvenation) मिशन मोड में जनवरी 2023 में शुरू हुआ था। तब राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति (HLC) का गठन किया था, जिसकी अध्यक्षता दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना को सौंपी गई थी।
औद्योगिक इकाइयों पर होगी सख्त कार्रवाई
LG ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को निर्देश दिया है कि वे उन औद्योगिक इकाइयों पर सख्त कार्रवाई करें जो बिना उपचारित किए गंदे पानी और रसायनों को यमुना में छोड़ती हैं।
नालों की सफाई पर विशेष ध्यान
यमुना में प्रदूषण के मुख्य स्रोतों में प्रमुख नाले शामिल हैं। इनमें सबसे बड़ा नजफगढ़ नाला है, जो यमुना में 60% से अधिक गंदगी डालता है। इस नाले के अलावा सप्लीमेंट्री नाला और अन्य छोटे-बड़े नालों की सफाई भी योजना का अहम हिस्सा है।
राजनीतिक विवाद भी जारी
इस बीच, यमुना प्रदूषण पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी जारी है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने इससे पहले हरियाणा सरकार पर आरोप लगाया था कि वह यमुना में जहर मिला रही है।
हालांकि, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए यमुना का पानी पीकर इसका खंडन किया। उन्होंने कहा कि यमुना में कोई प्रदूषण नहीं है और केजरीवाल सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए झूठे आरोप लगा रहे हैं।
भविष्य की योजना और लक्षित परिणाम
- तीन वर्षों में यमुना नदी की पूरी सफाई।
- मुख्य नालों और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की नियमित निगरानी।
- औद्योगिक इकाइयों पर सख्ती।
- साफ यमुना का सपना साकार करना।