Turkey-Bharat Trade: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इस बीच, तुर्की द्वारा पाकिस्तान को समर्थन दिए जाने की खबरों ने भारत में जनाक्रोश को जन्म दिया और ‘बॉयकॉट तुर्की’ अभियान शुरू हो गया।
पहलगाम हमला: ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की जान गई। जांच में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा का नाम सामने आया, जिन्हें पाकिस्तान का संरक्षण प्राप्त है। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया और आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।
तुर्की-पाकिस्तान संबंधों पर भारत की प्रतिक्रिया
तुर्की द्वारा पाकिस्तान को ड्रोन और सैन्य तकनीक की आपूर्ति की खबरों के बाद भारत में तुर्की विरोधी भावना तेज हो गई। सोशल मीडिया पर #BoycottTurkey ट्रेंड करने लगा और लोगों ने तुर्की से आयातित वस्तुओं व पर्यटन का बहिष्कार करना शुरू कर दिया।
Turkey-Bharat Trade की स्थिति (2023-24)
| क्षेत्र | तुर्की से भारत का आयात (USD) | भारत से तुर्की का निर्यात (USD) |
|---|---|---|
| खनिज तेल और पेट्रोलियम | $1.81 बिलियन (₹15,100 करोड़) | $960 मिलियन (₹8,000 करोड़) |
| संगमरमर और ग्रेनाइट | $500 मिलियन | — |
| सेब | $10 मिलियन | — |
| सोना और मोती | $132 मिलियन | — |
| अकार्बनिक रसायन आदि | $188 मिलियन | $300 मिलियन |
| कपास व सूती धागा | — | $500 मिलियन |
| इंजीनियरिंग सामान | — | $400 मिलियन |
| एल्यूमीनियम व स्टील उत्पाद | — | $200 मिलियन |
| अन्य (प्लास्टिक, टंबाकू आदि) | — | $200 मिलियन (अनुमानित) |
| कुल | $3.78 बिलियन | $6.65 बिलियन |
भारत में ‘बॉयकॉट तुर्की’ के प्रभाव
1. संगमरमर उद्योग
Turkey-Bharat Trade से सालाना 14–18 लाख टन संगमरमर आयात करता है, जिसकी कीमत ₹2,500–3,000 करोड़ रुपये है। उदयपुर और राजस्थान के व्यापारियों ने इस पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
2. सेब व्यापार
हिमाचल और कश्मीर के स्थानीय विक्रेताओं ने तुर्की के सेबों का बहिष्कार शुरू किया है। भारत हर साल लगभग ₹1,000 करोड़ रुपये के सेब तुर्की से आयात करता है।
3. पर्यटन क्षेत्र
2024 में करीब 2.87 लाख भारतीय पर्यटक तुर्की गए थे। लेकिन 2025 की शुरुआत से अब तक 2,000 से ज्यादा बुकिंग रद्द की जा चुकी हैं। प्रमुख ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स ने तुर्की यात्रा को टालने की सलाह दी है।
4. रक्षा और सुरक्षा
भारत सरकार ने तुर्की की कंपनी “सेलेबी ग्राउंड हैंडलिंग” की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी है, जो 9 भारतीय हवाई अड्डों पर ग्राउंड सर्विस देती थी।
क्या भारत को नुकसान होगा?
Turkey-Bharat Trade में भारत तुर्की पर व्यापार के लिहाज से बहुत अधिक निर्भर नहीं है। भारत अपने आवश्यक आयात के लिए वैकल्पिक विकल्पों की ओर रुख कर सकता है:
सेब: न्यूजीलैंड, अमेरिका
संगमरमर: इटली, ग्रीस
पेट्रोलियम: UAE, सऊदी अरब
पर्यटन: थाईलैंड, इंडोनेशिया, यूरोप
‘बॉयकॉट तुर्की’ अभियान केवल एक सामाजिक या राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टिकोण से भारत के आत्मनिर्भर होने की दिशा में एक कदम है। भारत की आर्थिक संरचना तुर्की जैसे देशों पर अत्यधिक निर्भर नहीं है, और यदि आवश्यक हुआ तो भारत अपनी आवश्यकताओं को वैकल्पिक देशों से पूरा कर सकता है।
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