पुलिस ने एक बड़े तलाशी अभियान के दौरान यहां से 84 देसी बम और एक राइफल बरामद की है।
West Bengal election 2026 से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी बीच दक्षिण 24 परगना जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने चुनावी माहौल में हलचल पैदा कर दी है। पुलिस ने एक बड़े तलाशी अभियान के दौरान यहां से 84 देसी बम और एक राइफल बरामद की है। इस बरामदगी के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी निगरानी और भी सख्त कर दी है।
तलाशी अभियान में बड़ा खुलासा
पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा चुनावी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के संवेदनशील इलाकों में विशेष तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान दक्षिण 24 परगना के बिजयगंज बाजार थाना क्षेत्र में पुलिस को एक संदिग्ध स्थान की सूचना मिली। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सघन जांच शुरू की, तो वहां से भारी मात्रा में देसी बम बरामद हुए।
इसके अलावा, एक तालाब में छिपाकर रखी गई राइफल भी पुलिस के हाथ लगी। इस पूरे ऑपरेशन को बेहद सावधानी के साथ अंजाम दिया गया, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। बमों को बाद में बम निरोधक दस्ते की मदद से सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया गया।
मामला दर्ज, जांच तेज
इस मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल चुनाव के दौरान हिंसा फैलाने के लिए किया जा सकता था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, “हम हर एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन बमों को यहां किसने और किस उद्देश्य से छिपाकर रखा था।”
जांच एजेंसियां इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
West Bengal election 2026 से पहले बढ़ी सतर्कता
West Bengal election 2026इस बार दो चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को होगी, जबकि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को संपन्न होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
पिछले विधानसभा चुनाव (2021) की तुलना में इस बार चरणों की संख्या काफी कम रखी गई है। 2021 में चुनाव आठ चरणों में कराए गए थे, जो लगभग एक महीने तक चले थे। इस बार कम चरणों में चुनाव कराने के फैसले को लेकर भी राजनीतिक चर्चा तेज है।
मतदाता सूची में बड़ा बदलाव
West Bengal election 2026 की एक और अहम बात यह है कि मतदाता सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अंतिम सूची से करीब 63 लाख 66 हजार मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। वहीं लगभग 60.6 लाख मतदाता अभी भी जांच के दायरे में हैं।
इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। विपक्ष जहां इसे चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला कदम बता रहा है, वहीं प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत की गई है।
राजनीतिक मुकाबला हुआ दिलचस्प
राज्य की राजनीति में इस बार भी मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच माना जा रहा है। टीएमसी एक बार फिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में West Bengal election 2026 मैदान में उतर रही है। ममता बनर्जी 2011 से लगातार राज्य की सत्ता संभाल रही हैं और इस बार भी अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने की कोशिश में हैं।
वहीं बीजेपी ने अभी तक मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है, लेकिन पार्टी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार सक्रिय है। इसके अलावा, कुछ नए राजनीतिक चेहरे और क्षेत्रीय समीकरण भी इस चुनाव को दिलचस्प बना रहे हैं। खासकर हुमायूं कबीर जैसे नेता नए समीकरण बनाकर मुकाबले को और रोमांचक बना सकते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
दक्षिण 24 परगना में इतनी बड़ी मात्रा में बम और हथियारों की बरामदगी ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई कर संभावित खतरे को टाल दिया गया है।
चुनाव आयोग और सुरक्षा एजेंसियां इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही हैं। आने वाले दिनों में संवेदनशील इलाकों में और ज्यादा सख्ती देखने को मिल सकती है।
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