Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल 5.30₹ और डीजल 3₹ महंगा, आम जनता की जेब पर बड़ा असर
Petrol Diesel Price Hike: देशभर में महंगाई की मार झेल रहे लोगों को एक और बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी ने आम आदमी की चिंता और बढ़ा दी है। भारत की बड़ी प्राइवेट फ्यूल कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम में 5.30 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले के बाद कई शहरों में लोगों की जेब पर सीधा असर देखने को मिल रहा है।
दरअसल, इस बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक हालात सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आए हैं। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय तेल सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया है। खासकर होर्मुज स्ट्रेट, जो दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, वहां से तेल की आवाजाही प्रभावित होने के कारण संकट और गहरा गया है।
पेट्रोल पंपों पर बढ़ी भीड़, कई जगह ‘नो स्टॉक’ की स्थिति
तेल की कीमत बढ़ने और सप्लाई में कमी की खबरों के बाद कई शहरों में लोग घबराकर पेट्रोल पंपों की ओर दौड़ पड़े। हालात ऐसे बन गए कि कई पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड तक लग गए। यह स्थिति सिर्फ कीमत बढ़ने का नहीं, बल्कि संभावित कमी का भी संकेत दे रही है।
आपके शहर में क्या हैं नए रेट?
कीमतों में बढ़ोतरी के बाद देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल के दाम कुछ इस तरह हैं:
- हैदराबाद: ₹107.46
- कोलकाता: ₹105.41
- मुंबई: ₹103.54
- बेंगलुरु: ₹102.92
- भुवनेश्वर: ₹101.19
- चेन्नई: ₹100.80
- गुरुग्राम: ₹95.57
- नोएडा: ₹95.16
- दिल्ली: ₹94.77
- चंडीगढ़: ₹94.30
इन कीमतों से साफ है कि महानगरों में रहने वाले लोगों पर इसका असर ज्यादा पड़ रहा है।
35 दिन बंद रहेगी रिफाइनरी, बढ़ सकती है दिक्कत
नायरा एनर्जी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि उसकी रिफाइनरी लगभग 35 दिनों के लिए बंद रहने वाली है। मेंटेनेंस के कारण यह बंदी अप्रैल से शुरू होगी। इस रिफाइनरी की क्षमता सालाना 20 मिलियन टन है, और इसके बंद होने से देश की कुल रिफाइनिंग क्षमता में करीब 8% की कमी आएगी।
इसका मतलब साफ है—आने वाले दिनों में फ्यूल की सप्लाई और भी प्रभावित हो सकती है। नायरा के देशभर में फैले पेट्रोल पंपों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध ने बढ़ाई मुश्किलें
वैश्विक संकट यहीं खत्म नहीं होता। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने भी तेल बाजार को झकझोर कर रख दिया है। यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रूस की तेल पाइपलाइन को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे उसकी निर्यात क्षमता का करीब 40% हिस्सा प्रभावित हुआ है।
रूस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल निर्यातक है, ऐसे में उसकी सप्लाई में आई कमी का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, और भारत भी इससे अछूता नहीं है।
कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार
इन सभी घटनाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। ब्रेंट क्रूड 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है, जबकि अमेरिकी WTI भी 92 डॉलर के ऊपर बना हुआ है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर भारत जैसे देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को प्रभावित करती है।
आम आदमी पर दोहरी मार
पहले से ही महंगाई से जूझ रही जनता के लिए यह बढ़ोतरी एक बड़ी चुनौती बन सकती है। ट्रांसपोर्ट महंगा होगा, जिससे रोजमर्रा की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं। यानी पेट्रोल-डीजल की यह कीमतें सिर्फ गाड़ी चलाने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि इसका असर हर घर की रसोई तक पहुंचेगा।
कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव और सप्लाई संकट के चलते आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं। ऐसे में लोगों के लिए यह वक्त सतर्क रहने और खर्चों को संभालकर चलने का है।
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