38 वर्षीय Rob Jetten ने द हेग स्थित हुइस टेन बॉश पैलेस में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
दुनिया में फूलों के सबसे बड़े निर्यातक देश Netherlands में सत्ता परिवर्तन के साथ एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। 38 वर्षीय Rob Jetten ने द हेग स्थित हुइस टेन बॉश पैलेस में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। वे देश के सबसे कम उम्र के और पहले खुले तौर पर समलैंगिक (गे) प्रधानमंत्री बन गए हैं।
उनका यह उदय केवल राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि सामाजिक और पीढ़ीगत परिवर्तन का भी प्रतीक माना जा रहा है।
कौन हैं Rob Jetten?
रॉब अर्नोल्डस एड्रियनस जेटन का जन्म 25 मार्च 1987 को वेघेल गांव में हुआ था। वे नॉर्थ ब्रेबेंट प्रांत के उडेन में पले-बढ़े। उन्होंने प्रतिष्ठित Radboud University से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में बैचलर और मास्टर डिग्री हासिल की।
करीब एक दशक के राजनीतिक करियर में जेटन ने खुद को एक व्यावहारिक समझौताकार (प्रैक्टिकल डील-मेकर) और सुधारवादी नेता के रूप में स्थापित किया है। वे मध्यमार्गी राजनीति, लोकतांत्रिक सुधार और पारदर्शिता पर जोर देते रहे हैं।
गठबंधन सरकार की कमान
जेटन 150 सदस्यीय डच संसद के निचले सदन में 66 सीटों वाले गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं। उनकी पार्टी ने 26 सीटें जीतकर अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हालांकि बहुमत से दूर इस गठबंधन को स्थिरता बनाए रखना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जेटन को विभिन्न विचारधाराओं वाले दलों के साथ तालमेल बिठाकर काम करना होगा। नीदरलैंड की संसद लंबे समय से बंटी हुई रही है, जहां गठबंधन सरकारें आम हैं।
यूरोप समर्थक और क्लाइमेट एजेंडा
Rob Jetten को यूरोप समर्थक नेता के रूप में देखा जाता है। वे यूरोपीय संघ के साथ गहरे सहयोग और साझा नीतियों के पक्षधर रहे हैं। जलवायु परिवर्तन उनके एजेंडे के केंद्र में है।
नीदरलैंड, जो समुद्र-स्तर बढ़ने के खतरे से जूझ रहा है, वहां क्लाइमेट पॉलिसी एक बड़ा चुनावी मुद्दा रही है। जेटन हरित ऊर्जा, कार्बन उत्सर्जन में कमी और टिकाऊ कृषि पर जोर देने की बात करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि वे आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन साधने की कोशिश करेंगे।
बदलते समाज का प्रतीक
जेटन का प्रधानमंत्री बनना नीदरलैंड में सामाजिक उदारवाद की परंपरा को और मजबूत करता है। यह वही देश है जिसने 2001 में समलैंगिक विवाह को वैध करने वाला दुनिया का पहला कानून बनाया था।
उनका खुलकर अपनी पहचान के साथ राजनीति में आना युवा पीढ़ी और LGBTQ+ समुदाय के लिए प्रेरक माना जा रहा है। कई विश्लेषकों के अनुसार, यह नीदरलैंड की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव और अधिक समावेशी नेतृत्व की दिशा में कदम है।
शपथ में देरी और राजनीतिक संदेश
पिछले वर्ष 29 अक्टूबर को हुए आम चुनाव के 110 दिन बाद जेटन ने शपथ ली। यह देरी गठबंधन वार्ताओं और राजनीतिक संतुलन साधने की प्रक्रिया का परिणाम थी।
हालांकि यह प्रक्रिया लंबी रही, लेकिन इससे यह भी संकेत मिला कि डच राजनीति में संवाद और सहमति को प्राथमिकता दी जाती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने Rob Jetten को पदभार संभालने पर बधाई दी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने संदेश में पीएम मोदी ने भारत और नीदरलैंड के बीच मजबूत आर्थिक और रणनीतिक संबंधों का उल्लेख किया।
भारत और नीदरलैंड के बीच जल प्रबंधन, कृषि तकनीक, बंदरगाह विकास और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग रहा है। रॉटरडैम पोर्ट यूरोप में भारतीय व्यापार के लिए अहम केंद्र है। विशेषज्ञों का मानना है कि जेटन के नेतृत्व में यह साझेदारी और मजबूत हो सकती है।
आगे की चुनौतियां
हालांकि जेटन की जीत ऐतिहासिक है, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं। महंगाई, आवास संकट, आप्रवासन नीति और कृषि सुधार जैसे मुद्दे सरकार के सामने हैं। कमजोर बहुमत वाली गठबंधन सरकार में स्थिरता बनाए रखना भी बड़ी परीक्षा होगी।
इसके बावजूद, युवा और ऊर्जावान नेतृत्व के रूप में जेटन से उम्मीदें काफी हैं। वे खुद को संवाद, सुधार और संतुलित नीतियों के जरिए देश को आगे ले जाने वाले नेता के रूप में पेश कर रहे हैं।
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