Salim Wastik Attack Case: गाजियाबाद में दोनों आरोपी भाई एनकाउंटर में ढेर, 48 घंटे में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
Salim Wastik Attack Case: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में चर्चित यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस ने इस मामले के दोनों आरोपियों को अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया है। ये दोनों आरोपी सगे भाई बताए जा रहे हैं और उन पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, पहले आरोपी जीशान को 1 मार्च को मुठभेड़ में ढेर किया गया था, जबकि दूसरे आरोपी गुलफाम को मंगलवार को गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र में हुई पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। इस तरह महज 48 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों का एनकाउंटर हो गया।
27 फरवरी को हुआ था जानलेवा हमला
Ex Muslim YouTuber Salim Wastik के साथ हुई यह पूरी घटना 27 फरवरी की है। उस दिन गाजियाबाद के लोनी इलाके में खुद को “Ex-Muslim” बताने वाले यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर दो युवकों ने हमला कर दिया था। हमलावरों ने बेहद खतरनाक तरीके से सलीम पर वार किए थे।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पेपर कटर से सलीम की गर्दन रेतने की कोशिश की और उनके पेट पर भी कई बार वार किया। हमले के बाद सलीम गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस हमले के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की और दोनों आरोपियों की पहचान कर ली।
दोनों आरोपी सगे भाई थे
पुलिस के अनुसार, हमले के आरोपी जीशान और गुलफाम सगे भाई थे और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के रहने वाले थे। दोनों गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में रहते थे और पेशे से कारपेंटर थे।
बताया गया कि दोनों भाई नोएडा की एक कंपनी में भी काम करते थे। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि दोनों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। हालांकि पुलिस का कहना है कि दोनों सोशल मीडिया पर कट्टर विचारों से जुड़े कंटेंट देखते और साझा करते थे।
पुलिस ने कैसे पकड़ा आरोपियों को?
घटना के बाद गाजियाबाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी। पुलिस ने दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया था। इसके बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम लगातार उनकी तलाश में लगी हुई थी।
पहला आरोपी जीशान पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। इसके बाद दूसरे आरोपी गुलफाम की तलाश जारी थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि गुलफाम इंदिरापुरम क्षेत्र में देखा गया है। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दी।
पुलिस पर भी हुई फायरिंग
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविन्द्र गौड़ के मुताबिक, जब पुलिस टीम ने आरोपी को रोकने की कोशिश की, तो उसने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी।
इस फायरिंग में पुलिस के दो जवान घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी गुलफाम को गोली लगी। घायल हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हमले की वजह क्या थी?
पुलिस जांच में सामने आया है कि यूट्यूबर सलीम वास्तिक सोशल मीडिया पर धर्म से जुड़ी कुरीतियों और कट्टरता के खिलाफ वीडियो बनाते थे। माना जा रहा है कि इसी वजह से कुछ लोग उनसे नाराज थे।
जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि दोनों आरोपी एक कट्टरपंथी टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े हुए थे। इस ग्रुप में करीब 18 हजार से ज्यादा सदस्य बताए जा रहे हैं। पुलिस को शक है कि इसी ग्रुप के जरिए आरोपियों को उकसाया गया हो सकता है।
पाकिस्तानी कनेक्शन की भी जांच
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी जीशान का संपर्क एक पाकिस्तानी यूट्यूबर से भी था। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं इस हमले के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय साजिश तो नहीं थी।
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने करीब 10 दिन तक सलीम की रेकी की थी। उन्होंने तीन बार हमला करने की कोशिश भी की, लेकिन हर बार मौका नहीं मिला। आखिरकार 27 फरवरी को जब सलीम अपने लोनी स्थित ऑफिस में अकेले थे, तब दोनों भाइयों ने हमला कर दिया।
7 दिन बाद सलीम को आया होश
इस बीच सलीम वास्तिक के परिवार और समर्थकों के लिए राहत की खबर भी सामने आई है। हमले के बाद सलीम कई दिनों तक वेंटिलेटर पर थे और उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी।
दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती सलीम को आखिरकार 7 दिन बाद होश आ गया है। अस्पताल से जारी एक वीडियो में वे डॉक्टरों की आवाज पर प्रतिक्रिया देते नजर आए हैं।
हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि सलीम की हालत अभी भी नाजुक है और पूरी तरह ठीक होने में समय लग सकता है। उनके गले और पेट में गंभीर चोटें आई हैं।
सुरक्षा कड़ी, परिवार को सुरक्षित जगह शिफ्ट किया गया
घटना के बाद सलीम और उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उनकी पत्नी और बेटे को सुरक्षा कारणों से एक सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपियों के मोबाइल फोन से भी कई अहम जानकारियां जुटाने की कोशिश की जा रही है। इस घटना ने सोशल मीडिया, सुरक्षा और कट्टरता को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छेड़ दी है।
यह भी पढ़े







