Creatine Supplement Danger: बॉडी बनाने के चक्कर में युवक की दोनों किडनी डैमेज, जानिए कितना खतरनाक है यह ट्रेंड
Creatine Supplement Danger: आज के दौर में युवाओं के बीच फिट बॉडी और मस्कुलर लुक पाने का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। सोशल मीडिया, जिम कल्चर और इंफ्लुएंसर्स के असर से हर कोई जल्दी से जल्दी परफेक्ट बॉडी बनाना चाहता है। लेकिन इसी जल्दबाजी में कई लोग ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो उनकी सेहत पर भारी पड़ सकती हैं।
हाल ही में सामने आया एक मामला हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देता है। एक 24 वर्षीय युवक, जो कुछ महीनों से बॉडी बनाने के लिए क्रिएटिन सप्लीमेंट ले रहा था, अचानक गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचा। जांच में पता चला कि उसकी दोनों किडनियां डैमेज हो चुकी हैं। डॉक्टरों ने इसकी वजह सप्लीमेंट का गलत और ज्यादा इस्तेमाल बताया।
क्या है क्रिएटिन और क्यों लेते हैं लोग?
क्रिएटिन एक ऐसा कंपाउंड है, जो शरीर को खासकर मांसपेशियों को तुरंत एनर्जी देने का काम करता है। हेवी वर्कआउट करने वाले लोग इसे इसलिए लेते हैं ताकि उनकी परफॉर्मेंस बेहतर हो और मसल्स तेजी से बढ़ें।
अगर सही मात्रा में और सही तरीके से लिया जाए, तो क्रिएटिन नुकसानदायक नहीं होता। लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब लोग बिना डॉक्टर की सलाह के, सिर्फ जिम ट्रेनर या इंटरनेट की बातों पर भरोसा करके इसे ज्यादा मात्रा में लेने लगते हैं।
गलत इस्तेमाल कैसे बन जाता है खतरा?
आजकल कई युवा जल्दी रिजल्ट पाने के चक्कर में सप्लीमेंट का ओवरडोज लेने लगते हैं। यही सबसे बड़ा खतरा है। जब शरीर जरूरत से ज्यादा क्रिएटिन लेता है, तो इसका सीधा असर किडनी पर पड़ता है।
डॉक्टरों के मुताबिक, ज्यादा सप्लीमेंट लेने और भारी वर्कआउट करने से मांसपेशियां तेजी से टूटने लगती हैं। इससे ‘मायोग्लोबिन’ नाम का प्रोटीन शरीर में बढ़ जाता है, जो किडनी के फिल्टर को ब्लॉक कर देता है। यही स्थिति आगे चलकर किडनी फेलियर का कारण बन सकती है।
ये संकेत दिखें तो तुरंत सतर्क हो जाएं
कई बार शरीर पहले ही संकेत देने लगता है, लेकिन लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। जैसे—
- यूरिन का रंग गहरा भूरा होना
- शरीर में कमजोरी और थकान
- मांसपेशियों में असामान्य दर्द
- पेशाब कम होना
ये सभी संकेत किडनी पर पड़ रहे दबाव को दिखाते हैं। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है।
प्रोटीन + क्रिएटिन: खतरनाक कॉम्बिनेशन?
आजकल जिम में लोग प्रोटीन पाउडर और क्रिएटिन दोनों साथ लेने लगे हैं। यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन बिना सही जानकारी के यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
दोनों सप्लीमेंट्स को एक साथ पचाने में शरीर के अंगों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी होने लगती है। जब शरीर में पानी कम होता है, तो टॉक्सिन्स बाहर नहीं निकल पाते और धीरे-धीरे शरीर के अंदर जमा होने लगते हैं।
सही तरीका क्या है?
अगर आप सप्लीमेंट लेना चाहते हैं, तो सबसे जरूरी है सही जानकारी और डॉक्टर की सलाह।
- हमेशा लिमिट में लें
- खूब पानी पिएं
- नियमित वर्कआउट करें
- बिना सलाह के कभी ओवरडोज न लें
फिटनेस जरूरी है, लेकिन समझदारी भी उतनी ही जरूरी
आज की युवा पीढ़ी फिट रहना चाहती है, जो एक अच्छी बात है। लेकिन सिर्फ दिखावे के लिए या जल्दी रिजल्ट पाने के लिए अपनी सेहत से खिलवाड़ करना सही नहीं है।
याद रखें, बॉडी बनाना एक लंबी प्रक्रिया है, इसमें शॉर्टकट नहीं होते। सही डाइट, नियमित एक्सरसाइज और धैर्य ही असली फिटनेस का रास्ता है।
यह घटना एक चेतावनी है कि अगर सावधानी नहीं बरती गई, तो फिटनेस का यही जुनून कभी-कभी जानलेवा भी बन सकता है।
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