RBSE New Academic Calendar 2026: 1 अप्रैल से खुलेंगे स्कूल, 16 मई से लंबी गर्मी की छुट्टियां; 70 लाख विद्यार्थियों पर असर
RBSE New Academic Calendar 2026: राजस्थान के लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए बड़ी खबर है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) और शिक्षा विभाग ने नया शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर दिया है। इस बार सिर्फ तारीखें नहीं बदली हैं, बल्कि एक दशक पुरानी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब नया सत्र 1 अप्रैल से शुरू होगा और 15 मई तक नियमित कक्षाएं चलेंगी। इसके बाद 16 मई से 20 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। 21 जून से स्कूल दोबारा खुलेंगे और पढ़ाई सामान्य रूप से जारी होगी।
10 साल बाद बदला नियम
अब तक सरकारी स्कूलों में नया सत्र 1 जुलाई से शुरू होता था। लेकिन शिक्षा विभाग ने समीक्षा के बाद पाया कि जुलाई से सत्र शुरू होने के कारण पढ़ाई के घंटों का संतुलन बिगड़ रहा था और कई बार बारिश या अन्य कारणों से शुरुआती समय में व्यवधान भी आता था। इसलिए इस व्यवस्था को बदलकर 1 अप्रैल से सत्र शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
यह बदलाव प्रदेश के लगभग 70 हजार सरकारी स्कूलों और करीब 70 लाख विद्यार्थियों को प्रभावित करेगा। यानी यह सिर्फ कैलेंडर में बदलाव नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार माना जा रहा है।
1 अप्रैल से 15 मई तक नियमित पढ़ाई
नए कार्यक्रम के अनुसार 1 अप्रैल से स्कूलों में नियमित कक्षाएं शुरू होंगी। इस दौरान पढ़ाई पूरी गंभीरता से कराई जाएगी। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि तय कैलेंडर के अनुसार ही शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाएं।
भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए 15 मई तक पढ़ाई कराई जाएगी और 16 मई से गर्मी की छुट्टियां घोषित कर दी जाएंगी।
35 दिन से ज्यादा की छुट्टियां
16 मई से 20 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। यानी बच्चों को लगभग 35 दिनों से अधिक की छुट्टियां मिलेंगी। यह समय विद्यार्थियों के लिए आराम, हॉबी क्लासेस या परिवार के साथ समय बिताने का सुनहरा अवसर होगा।
अभिभावकों के लिए भी यह राहत की खबर है, क्योंकि मई-जून की तेज गर्मी में बच्चों का स्कूल जाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
21 जून से फिर बजेगी स्कूल की घंटी
गर्मी की छुट्टियों के बाद 21 जून से सभी स्कूलों में फिर से पढ़ाई शुरू होगी। इस तरह साल की पढ़ाई का ढांचा अब ज्यादा व्यवस्थित और संतुलित रहेगा।
ऑटोमैटिक प्रमोशन खत्म
शिक्षा विभाग ने हाल ही में एक और बड़ा फैसला लिया है। कक्षा 5 और 8 में ऑटोमैटिक प्रमोशन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब छात्रों को अगली कक्षा में जाने के लिए न्यूनतम अंक लाना अनिवार्य होगा।
यदि कोई छात्र पासिंग मार्क्स हासिल नहीं करता है, तो उसे अगली कक्षा में प्रमोट नहीं किया जाएगा। बोर्ड का कहना है कि बिना परीक्षा पास किए प्रमोशन मिलने से छात्रों की बुनियादी पढ़ाई कमजोर हो रही थी। आगे की कक्षाओं में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
इस फैसले का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारना और विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति गंभीरता बढ़ाना है।
अभिभावकों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया
कई अभिभावक इस फैसले को सकारात्मक मान रहे हैं। उनका कहना है कि अप्रैल से सत्र शुरू होने से पढ़ाई का समय बेहतर तरीके से विभाजित होगा। वहीं कुछ लोग यह भी मानते हैं कि शुरुआती गर्मी में बच्चों को स्कूल भेजना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
शिक्षकों के लिए भी यह बदलाव नया अनुभव होगा। उन्हें अब मार्च के अंत तक नए सत्र की तैयारी पूरी करनी होगी।
क्या बदलेगा आगे?
Rajasthan School Update 2026 के तहत जारी नए शैक्षणिक कैलेंडर से उम्मीद जताई जा रही है कि पढ़ाई का नुकसान कम होगा और परीक्षा परिणामों में सुधार देखने को मिलेगा। सरकार का कहना है कि यह फैसला बच्चों के शैक्षणिक स्तर को मजबूत बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
कुल मिलाकर, राजस्थान शिक्षा विभाग का यह कदम 70 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा है। अब देखना होगा कि यह बदलाव जमीनी स्तर पर कितना असरदार साबित होता है। फिलहाल इतना तय है कि 1 अप्रैल से स्कूलों में फिर से रौनक लौटेगी और बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिलेगी।
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